निकाय चुनाव: राज्य निर्वाचन आयुक्त ने सरकार पर लगाया लापरवाही का आरोप, हाईकोर्ट ने भी मांगा जवाब
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उत्तराखंड में निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से हाईकोर्ट जाने के मामले के बाद राज्य निर्वाचन अयुक्त ने सरकार पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। वहीं हाईकोर्ट ने भी मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त सुवर्धन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि, सरकार समय पर चुनाव करने में सहयोग नही कर रही है। अगर ऐसा ही रवैया रहा तो चुनाव नहीं हो सकेंगे। कहा कि चुनाव 3 मई से पहले होने हैं। सरकार सहयोग नहीं कर रही है।
इसलिए हमें कोर्ट में जाना पड़ा। अब कोर्ट तय करेगा कि प्रदेश में निकाय चुनाव कब होंगे। बताया कि, आयोग दो महीने से चुनाव कराने को तैयार है। प्रदेश में 2381200 मतदाता हैं। वहीं 2015 में 1536817 वोटर थे।
वहीं बुधवार दोपहर को हाईकोर्ट में हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग की इस मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब दाखिल करने के आदेश पारित किए हैं। कोर्ट ने चुनाव को लेकर आयोग के रवैये को भी सही नहीं माना।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए याचिका में यह भी कहा गया है कि यदि सरकार नियत समय में चुनाव नहीं कराती तो आयोग कोर्ट जा सकता है। याचिका में राज्य में जल्द चुनाव कराने की मांग की गई है।