फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand State Auto and Vikram Transport Federation has

Dehradun News: तिपहिया वाहनों में जीपीएस का विरोध तेज

Sun, 04 Feb 2024 01:00 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 04 Feb 2024 01:00 AM IST
विज्ञापन
Uttarakhand State Auto and Vikram Transport Federation has
Iयूनियन बोलीं- आंदोलन करेंगे, परिवहन विभाग ने कहा- फैसला अटल
विज्ञापन

I

I
I

I15 फरवरी तय की गई है जीपीएस लगाने की अंतिम तिथिI

उत्तराखंड प्रदेश ऑटो एवं विक्रम परिवहन महासंघ ने आरटीए की ओर से तिपहिया वाहनों में अनिवार्य किए गए जीपीएस का विरोध कर आदेश वापस न लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। उधर परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि फ्रीज जोन में बगैर जीपीएस के वाहन चलाने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।



यातायात व्यवस्था को अवरोधमुक्त बनाने के लिए घंटाघर-परेड ग्राउंड के आसपास के इलाके को फ्रीज जोन घोषित किया जा चुका है। इस क्षेत्र में बगैर जीपीएस लगे ऑटो-विक्रम-तिपहिया किसी सूरत में नहीं चल सकेंगे। परिवहन विभाग ने 15 फरवरी की डेटलाइन जारी की है। इसे लेकर विरोध तेज हो गया है।
विज्ञापन






Iऑटो-विक्रम यूनियन ने खोला मोर्चाI

गौरतलब हो कि घंटाघर और परेड ग्राउंड के आसपास के इलाके में ऑटो रिक्शा में जीपीएस अनिवार्य कर दिया गया है। 15 फरवरी के बाद कोई भी तिपहिया वाहन इस क्षेत्र में बगैर जीपीएस के नहीं चल सकेगा। शनिवार को उत्तराखंड प्रदेश ऑटो एवं विक्रम परिवहन महासंघ के अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत ने परिवहन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने कहा, तिपहिया वाहनों में जीपीएस के आदेश का महासंघ विरोध कर रहा है। यह आदेश वापस नहीं लिया गया तो महासंघ आंदोलन करने के लिए बाध्य हो होगा। महामंत्री सतीश शर्मा ने कहा कि दून में घंटाघर से डेढ़ किमी क्षेत्र में तिपहिया को प्रतिबंधित किया गया है, जो सही नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन




दून ऑटो रिक्शा अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने कहा कि ऑटो स्टैंड एवं पार्किंग की व्यवस्था देहरादून में नहीं है और ई रिक्शा एवं ई-ऑटो के पंजीकरण रोजाना किए जा रहे हैं। इनकी वजह से सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ रहा है। ऋषिकेश ऑटो रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष बेचन गुप्ता ने कहा कि ऋषिकेश और हरिद्वार में ई रिक्शा का आतंक है। ई-रिक्शा को प्रतिबंधित कर इनके रजिस्ट्रेशन पर तत्काल रोक लगाई जाए। इस मौके पर शेखर कपिल, नरेंद्र शर्मा, परवीन नौटियाल, रामशीश राजभर, मनोज कुमार, अमित, त्रिलोक सिंह भंडारी आदि मौजूद रहे।





Iआम लोगों को राहत दिलाने के लिए है यह व्यवस्था : आरटीओI

आरटीओ सुनील शर्मा ने कहा कि पूरे देश में जीपीएस प्रणाली को सार्वजनिक वाहनों के लिए अनिवार्य किया गया है। यहां पर तो सिर्फ घंटाघर और परेड ग्राउंड के आसपास के इलाके में ही अनिवार्यता को लागू किया गया है। बगैर जीपीएस के फ्रीज जोन में तिपहिया वाहनों को चलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा, दिल्ली से लेकर देश कई शहरों में तिपहिया ऑटो में जीपीएस लगाए जा रहे हैं। यह प्रयास शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने और आम लोगों को राहत दिलाने के लिए है। इसमें किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जाएगा।





Iजीपीएस नहीं लगवाया तो नहीं मिलेगा फिटनेस प्रमाणपत्रI



दिल्ली में भी ऑटो संचालकों से तुरंत जीपीएस एक्टिव कराने को कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। साथ ही कहा गया है कि ऐसा नहीं करने पर फिटनेस में बाधा आएगी। बगैर जीपीएस के फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं दिया जाएगा। दून में अभी इसे लागू नहीं किया गया है, लेकिन जल्द ही देहरादून संभाग में भी इस प्रक्रिया को अमल में लाने की तैयारी है।






Iजीपीएस को जानिएI

जीपीएस निगरानी प्रणाली वाहन की ऑटोमैटिक लोकेशन को सॉफ्टवेयर के साथ जोड़ता है। साफ्टवेयर वाहन की लोकेशन के डिटेल एकत्र करता है। जीपीएस उपकरणों को वाहन में रखा जाता है और ये उपकरण मानचित्र पर अपने वास्तविक समय और स्थान को सूचित करता रहता है। वाहन की जानकारी इंटरनेट या विशेष सॉफ्टवेयर के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक मानचित्रों पर देखी जा सकती है। जीपीएस निगरानी यंत्र गाड़ी में कहीं भी लगाया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed