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Dehradun News: गांव से ओलंपिक तक का रास्ता तय करे उत्तराखंड खेल विवि
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- राज्यपाल की अध्यक्षता में हुई उत्तराखंड क्रीड़ा विवि प्रबंध परिषद की पहली बैठक
- देश के अन्य खेल विवि, खेल संगठनों के साथ भी एमओयू करेगा विवि
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने कहा कि उत्तराखंड क्रीड़ा विवि ऐसा हो, जो प्रतिभाओं के गांव से ओलंपिक तक का रास्ता तय करे। उन्होंने ये भी कहा कि इस विवि का देश के दूसरे खेल विश्वविद्यालयों और खेल संगठनों के साथ एमओयू भी कराया जाए।
शनिवार को राज्यपाल की अध्यक्षता में उत्तराखंड क्रीड़ा विवि प्रबंध परिषद की प्रथम बैठक लोक भवन में आयोजित हुई। कुलपति अमित सिन्हा ने विवि की स्थापना, शैक्षणिक योजनाओं, प्रशासनिक ढांचे, मानव संसाधन, पाठ्यक्रम एवं अवस्थापना विकास पर प्रस्तुतिकरण दिया। विवि के शिक्षण एवं प्रशासनिक पदों के सृजन पर विचार विमर्श के उपरांत, औचित्य सहित प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराने पर विचार किया गया। विवि का मुख्यालय गौलापार हल्द्वानी में है, जिसे मिशन ओलंपिक 2036 के लक्ष्य के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि क्रीड़ा विवि केवल डिग्री प्रदान करने का केंद्र न होकर उत्कृष्ट खेल संस्कृति के निर्माण का सशक्त संस्थान बने। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उन्हें उचित प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन और सही मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की है। क्रीड़ा विवि की कार्ययोजना ऐसी होनी चाहिए, जो युवाओं को ग्राम से ओलंपिक तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करे।
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उन्होंने कहा कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, जिन्हें पहचानकर व्यवस्थित प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराए जाने की आवश्यकता है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें। क्रीड़ा विश्वविद्यालय को देश के अन्य खेल विवि एवं खेल संगठनों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने के निर्देश दिए। ताकि प्रशिक्षण, शोध, तकनीक और विशेषज्ञता का आदान-प्रदान हो सके।
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ऐसे गांवों का चिह्नित करें, जहां से खेल प्रतिभाएं सामने आईं
राज्यपाल ने कहा कि राज्य के ऐसे गांवों को चिह्नित किया जाए, जहां से विशिष्ट खेल प्रतिभाएं उभरकर सामने आईं हैं। ताकि उन क्षेत्रों को खेल प्रतिभा विकास के विशेष केंद्रों के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने विवि के सफल संचालन के लिए वाइस चांसलर की स्वायत्तता को अनिवार्य बताया ताकि वे बिना किसी बाहरी प्रभाव के निर्णय ले सकें। इसके लिए उन्होंने पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी बताया। बैठक में विवि कुलसचिव डॉ. आशीष चौहान, अपर सचिव मनुज गोयल, अपर सचिव नवनीत पांडे सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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- देश के अन्य खेल विवि, खेल संगठनों के साथ भी एमओयू करेगा विवि
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने कहा कि उत्तराखंड क्रीड़ा विवि ऐसा हो, जो प्रतिभाओं के गांव से ओलंपिक तक का रास्ता तय करे। उन्होंने ये भी कहा कि इस विवि का देश के दूसरे खेल विश्वविद्यालयों और खेल संगठनों के साथ एमओयू भी कराया जाए।
शनिवार को राज्यपाल की अध्यक्षता में उत्तराखंड क्रीड़ा विवि प्रबंध परिषद की प्रथम बैठक लोक भवन में आयोजित हुई। कुलपति अमित सिन्हा ने विवि की स्थापना, शैक्षणिक योजनाओं, प्रशासनिक ढांचे, मानव संसाधन, पाठ्यक्रम एवं अवस्थापना विकास पर प्रस्तुतिकरण दिया। विवि के शिक्षण एवं प्रशासनिक पदों के सृजन पर विचार विमर्श के उपरांत, औचित्य सहित प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराने पर विचार किया गया। विवि का मुख्यालय गौलापार हल्द्वानी में है, जिसे मिशन ओलंपिक 2036 के लक्ष्य के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।
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राज्यपाल ने कहा कि क्रीड़ा विवि केवल डिग्री प्रदान करने का केंद्र न होकर उत्कृष्ट खेल संस्कृति के निर्माण का सशक्त संस्थान बने। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उन्हें उचित प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन और सही मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की है। क्रीड़ा विवि की कार्ययोजना ऐसी होनी चाहिए, जो युवाओं को ग्राम से ओलंपिक तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करे।
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उन्होंने कहा कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, जिन्हें पहचानकर व्यवस्थित प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराए जाने की आवश्यकता है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें। क्रीड़ा विश्वविद्यालय को देश के अन्य खेल विवि एवं खेल संगठनों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने के निर्देश दिए। ताकि प्रशिक्षण, शोध, तकनीक और विशेषज्ञता का आदान-प्रदान हो सके।
ऐसे गांवों का चिह्नित करें, जहां से खेल प्रतिभाएं सामने आईं
राज्यपाल ने कहा कि राज्य के ऐसे गांवों को चिह्नित किया जाए, जहां से विशिष्ट खेल प्रतिभाएं उभरकर सामने आईं हैं। ताकि उन क्षेत्रों को खेल प्रतिभा विकास के विशेष केंद्रों के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने विवि के सफल संचालन के लिए वाइस चांसलर की स्वायत्तता को अनिवार्य बताया ताकि वे बिना किसी बाहरी प्रभाव के निर्णय ले सकें। इसके लिए उन्होंने पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी बताया। बैठक में विवि कुलसचिव डॉ. आशीष चौहान, अपर सचिव मनुज गोयल, अपर सचिव नवनीत पांडे सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।