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गलवां घाटी में झड़प के दौरान घायल हुआ उत्तराखंड का जवान शहीद, घर पहुंचा पार्थिव शरीर
Sun, 16 Aug 2020 09:01 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Sun, 16 Aug 2020 09:01 AM IST
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शहीद हवलदार बिशन सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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गलवां घाटी में झड़प के दौरान घायल हुआ उत्तराखंड का जवान हवलदार बिशन सिंह शहीद हो गया। शहीद ने इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। शहीद का पार्थिव शरीर आज उनके घर पहुंच गया है।
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43 वर्षीय शहीद बिशन सिंह मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी में बंगापानी के रहने वाले थे। शहीद बिशन सिंह गलवां घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में घायल हुए थे। सात आठ दिन तक एमएच लेह में उनका इलाज चला था। इसके बाद वे दोबारा ड्यूटी पर चले गए थे।
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दोबारा गलवां घाटी पहुंचने के बाद उनकी हालत फिर बिगड़ गई। उन्हें इलाज के लिए चंडीगड़ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। लेकिन इलाज के दौरान जवान की जान चली गई।
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शहीद बिशन सिंह का पार्थिव शरीर रात करीब 1:30 बजे कामलुवागांजा स्थित उनके भाई जगत सिंह के आवास पर पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार, शहीद बिशन सिंह 31 अगस्त 2020 को सेवानिवृत्त होने वाले थे। शहीद बिशन सिंह अपने पीछे पत्नी सती देवी 40 वर्ष, पुत्र मनोज 19 वर्ष और पुत्री मनीषा 16 वर्ष को छोड़ गए हैं।