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उत्तराखंडः कार्य बहिष्कार पर अड़ी 242 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा समाप्त

Sat, 01 Feb 2020 10:02 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पौड़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पौड़ी Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 01 Feb 2020 10:02 PM IST
सार

  • हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी ने जारी किया आदेश
  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, राष्ट्रीय पोषण मिशन का कार्य हो रहा प्रभावित 

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uttarakhand : service of 30 Anganwadi workers adamant on work boycott
प्रदर्शन करतीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

बाल विकास परियोजना अधिकारी ने शनिवार को 242 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हटाने का आदेश जारी कर दिया। जिसमें उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला दिया है। आदेश में कहा गया है कि हाईकोर्ट ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर 300 दिन तक अनुपूरक पोषाहार देने के आदेश दिए थे, लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिनी कार्यकर्ता व सहायिकाओं द्वारा मानदेय बढ़ोतरी समेत विभिन्न मांगों को लेकर 57 दिन से हड़ताल की जा रही है

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जिसके कारण प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, राष्ट्रीय पोषण मिशन का कार्य प्रभावित हो रहा है। जिसे देखते हुए निदेशक महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी की ओर से पत्र लिखा गया। जिस पर 30 जनवरी को हड़ताल में हिस्सा लेने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कार्य पर वापस लौटने का नोटिस जारी किया गया, लेकिन इसके बाद भी वह काम पर वापस नहीं लौटीं हैं। इसके चलते टीएचआर एवं टीकाकरण आदि सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। करीब एक महीने से केंद्र बंद मिलने पर लेकर बाल विकास परियोजना अधिकारी ने 242 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 30 दिसंबर 2019 से हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं। 
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23वें दिन भी जारी रहा अनशन 

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल का शनिवार को 57वां दिन रहा, जबकि अनशन का 23वां दिन था। शनिवार को उर्मिला तोमर, शकीरन खातून तीसरे दिन अनशन पर बैठीं। कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। उधर, आंगनबाड़ी कार्यकत्री सेविका मिनी कर्मचारी संघ की प्रांतीय संगठन मंत्री मीनाक्षी रावत ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधिमंडल कैंट विधायक हरबंस कपूर से मिला। कैंट विधायक ने राज्यमंत्री रेखा आर्य से बात की। साथ ही चार फरवरी को मुख्यमंत्री के साथ उनकी वार्ता कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने परेड ग्राउंड पहुंचकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल को समर्थन दिया। 

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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आंदोलन के पीछे राजनीति : रेखा

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आंदोलन को लेकर महिला सशक्तीकरण राज्यमंत्री रेखा आर्य के रुख में कोई नरमी दिखाई नहीं दे रही है। रेखा आर्य ने कई बार आश्वासन के बावजूद आंदोलन पर अडिग आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के धरने को राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा बताया है। उन्होंने चिंता जताई कि कार्यकर्ताओं के आंदोलन पर होने के कारण गर्भवती महिलाओं व छोटे बच्चों को पोषाहार नहीं मिल पा रहा है। 

रेखा आर्य ने कहा कि वह स्वयं सदन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों पर विचार करने का आश्वासन दे चुकी हैं। मुख्यमंत्री भी आश्वासन दे चुके हैं। इसके बावजूद कार्यकर्ता मानने को तैयार नहीं हैं। इससे अंदेशा है कि कहीं यह आंदोलन राजनीति से प्रेरित तो नहीं है। कहा कि पिछले दो महीने से आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन नहीं हो पा रहा है।

गर्भवती महिलाओं व छोटे बच्चों को पोषाहार न मिलने के कारण उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा रहा है। ऐसे में सरकार भी सख्ती दिखाने को बाध्य होगी। उन्होंने अपील की कि कार्यकर्ताओं को इन सभी पहलुओं पर विचार करके आंदोलन स्थगित करके केंद्रों पर लौट आना चाहिए। 

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