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उत्तराखंडः टाटा कंपनी ने बदले गियर लीवर, परिवहन निगम के विशेषज्ञों ने किए पास
Wed, 08 Jan 2020 01:06 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 08 Jan 2020 01:06 PM IST
सार
- फिलहाल 15 बसें ट्रायल के तौर पर रोडवेज के बेड़े में होंगी शामिल
- गियर लीवर में खराबी का मुद्दा उठने के बाद रोडवेज ने लौटा दीं थी कंपनी को बसें
- टाटा कंपनी के पंतनगर प्लांट में बसों में लगाए गए नए डिजाइन के गियर लीवर
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विस्तार
टाटा कंपनी की ओर से बसों में लगाए गए नए डिजाइन के गियर लीवर परिवहन निगम के तकनीकी विशेषज्ञों व चालकों ने टेस्ट में पास कर दिए हैं। फिलहाल 150 के बजाय केवल 15 बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी। सही नतीजे आने के बाद टाटा कंपनी दोबारा इन बसों की आपूर्ति करेगी।
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परिवहन निगम ने टाटा कंपनी से 150 नई बसें खरीदकर बेडे़ में शामिल की थीं। इन बसों में गियर लीवर टूटने की घटनाएं बढ़ने के बाद रोडवेज ने इन्हें लौटा दिया था। कंपनी ने पंतनगर प्लांट में नए डिजाइन के गियर लीवर तैयार किए और बसों में लगाए।
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प्रबंध निदेशक रणवीर सिंह चौहान के निर्देश पर विभागीय तकनीकी विशेषज्ञों व चालकों की टीम ने पंतनगर प्लांट में जाकर बसों की जांच की। जांच में नए डिजाइन के गियर लीवर पास होने के बाद सभी 150 बसों की नए सिरे से आपूर्ति का रास्ता साफ हो गया है।
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सीआईआरटी ने दी थी जांच रिपोर्ट
प्रकरण की जांच सीआईआरटी के तकनीकी विशेषज्ञों से कराने का निर्णय लिया। सीआईआरटी विशेषज्ञों की तकनीकी टीम ने बसों की जांच की और 16 बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट प्रबंधन को सौंपी थी। विशेषज्ञों ने अपनी रिपोर्ट में गियर लीवर के डिजाइन कोे गलत करार दिया था। रिपोर्ट के आधार पर ही परिवहन निगम प्रबंधन ने सभी बसें कंपनी को लौटाई थीं।
चालक के पास लगाया छोटा गियर लीवर
विशेषज्ञों व चालकों की टीम ने फिलहाल नए डिजाइन के गियर लीवर को सही बताया है। चालक के ठीक बगल में लगाए गए छोटे गियर लीवर बसों की जांच करने पहुंची तकनीकी विशेषज्ञों की टीम में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल टाटा कंपनी ने चालक के ठीक बगल में बेहद छोटा गियर लीवर डिजाइन करके लगा दिया है। जो चालकों को बसें चलाने के अनुकूल तो है ही, साथ ही कई अन्य परेशानियों को भी दूर करने वाला है।
पहले चरण में मंगायी जाएगी सिर्फ 15 बसें
प्रबंध निदेशक रणवीर सिंह चौहान ने बताया कि कंपनी की ओर से नए डिजाइन का गियर लीवर लगाए जाने के बाद फिलहाल पहले चरण में 15 बसें मंगायी जाएगी। इन 15 बसों में से पांच पांच बसें तीनों मंडल में भेजी जाएंगी। जहां चालकों द्वारा इनको चलाया जाएगा । बसों को सड़कों पर दौड़ाने के बाद यदि गियर लीवर सही सलामत पाए जाते हैं तो उसके बाद ही बाकी बसों की आपूर्ति की जा सकेगी।