Uttarakhand: हरिद्वार में हाल सबसे ज्यादा खराब, सेटेलाइट से नजर रख रहा आपदा प्रबंधन विभाग
अपर सचिव आपदा प्रबंधन साविन बंसल ने बताया कि सवेंदनशील गावों से प्रभावितों को राहत शिविरों में लाया जा रहा है। सेना से भी बात हुई है। जरूरत पड़ने पर सेना की मदद भी ली जाएगी। फिलहाल स्थिति काबू में हैं।
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उत्तराखंड में बारिश के बाद बिगड़े हालातों के बीच आज सचिवालय स्थित राज्य आपदा परिचालन केंद्र में अपर सचिव आपदा प्रबंधन साविन बंसल ने मीडिया के साथ जानकारी साझा की।
उन्होंने कहा कि हरिद्वार जिले के खानपुर व नारसन ब्लॉक जलभराव से सर्वाधिक प्रभावित हैं। यहां हर पल सेटेलाइट से नजर रखी जा रही है। दो गांव अति सवेंदनशील व 12 मध्यम सवेंदनशील हैं। इन सभी गांवों में प्रशासन द्वारा प्रभावितों को मदद पहुंचाई जा रही है।
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सवेंदनशील गावों से प्रभावितों को राहत शिविरों में लाया जा रहा है। सेना से भी बात हुई है। जरूरत पड़ने पर सेना की मदद भी ली जाएगी। फिलहाल स्थिति काबू में हैं।
नदी में बह गई किसानों की फसल और जमीन
क्षेत्र में भारी बारिश के बाद सोलानी नदी के उफान पर आने से कई गांवों के किसानों की फसल सहित सैकड़ों बीघा कृषि भूमि पानी के बहाव में बह गई। इससे किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया है।
भगवानपुर क्षेत्र के ग्राम गी शहिदपुर, लव्वा, सिसोना, मक्खनपुर, खुब्बनपुर, मंडावर, हसनपुर मदनपुर, मानक मजरा, हालुमजरा, छागामजरी, शाहपुर, करौंदी, पुहाना, किशनपुर आदि गांवों के पास सोलानी नदी बह रही है। एक दिन पहले सोलानी उफान पर बहने से सैकड़ों बीघा कृषि भूमि में खड़ी गन्ने की फसल, पोपुलर, आम के बाग सहित अन्य फसलें नदी में बह गईं। इस कारण किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया है।
वहीं गी शाहिदपुर के पास नदी के कटाव से जमीन गिरने से गांव के नदी में बहने का खतरा बना हुआ है। किसान हुकम सिंह, रामपाल, सतीश कुमार, अमित कुमार, बिजेन्द्र, छतरसिंह, यशपाल, विनोद, नरेश कुमार, धूम सिंह, मामराज, नवीन कुमार, गीताराम का कहना है कि सोलानी में पानी ज्यादा आने से कृषि भूमि में खड़ी फसल बह गई है।