फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Public Works Department wasted 200 crore on external agencies

उत्तराखंडः डिजाइन के नाम पर लोक निर्माण विभाग ने बाहरी एजेंसियों पर लुटाए 200 करोड़

Tue, 28 Jan 2020 04:09 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून
राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 28 Jan 2020 04:09 PM IST
सार

  • शासन बदलेगा व्यवस्था, बाहरी एजेंसियों से डिजाइन तैयार कराने पर लगाई रोक
  • विभाग के ही काबिल इंजीनियरों का बनाया जाएगा डिजाइन सेल

विज्ञापन
Uttarakhand Public Works Department wasted 200 crore on external agencies
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

लोक निर्माण विभाग ने सड़कों, पुलों और भवनों के डिजाइन तैयार कराने के नाम पर बाहरी एजेंसियों पर पिछले 19 सालों में करीब 200 करोड़ रुपये लुटा दिए। इतनी धनराशि से पहाड़ में करीब 285 किमी और मैदान में लगभग 333 किमी नई सड़कों का निर्माण किया जा सकता था। खर्च के इस आंकड़े ने शासन को चौंका दिया है। अपर मुख्य सचिव (लोनिवि) ओम प्रकाश ने विभाग में बाहरी एजेंसियों से डिजाइन तैयार कराने पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। अब सभी तरह के निर्माण कार्यों के डिजाइन विभाग द्वारा तैयार कराए जाएंगे। इसके लिए विभाग में डिजाइन प्रकोष्ठ का नए सिरे से पुनर्गठन किया जा रहा है। 

विज्ञापन


 आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, राज्य गठन से ही लोक निर्माण विभाग सड़कों, पुलों और भवनों के निर्माण के लिए डिजाइन आईआईटी रुड़की, कानपुर और मुंबई समेत अन्य बाहरी डिजाइनरों से तैयार करा रहा है। बड़ी लागत के ही नहीं, कम लागत वाले प्रस्ताव भी आउटसोर्स एजेंसियों से डिजाइन कराए जा रहे हैं। इस पर विभाग को शुल्क के एवज में धनराशि खर्च करनी पड़ रही है। राज्य गठन से लेकर अब तक बाहरी एजेंसियों से डिजाइन तैयार कराने पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।  
विज्ञापन


विभागीय समीक्षा के दौरान जब शासन के संज्ञान में यह तथ्य आया तो इस पर तत्काल रोक लगाने की जरूरत महसूस की गई। विभाग से जानकारी प्राप्त करने के बाद अपर मुख्य सचिव ने नई व्यवस्था को लागू करने के आदेश जारी किए। विभागीय स्तर पर डिजाइन प्रकोष्ठ का प्रस्ताव तैयार हो गया है और जल्द इसे मंजूरी मिल जाएगी। प्रकोष्ठ की कमान एक्जीक्यूटिव इंजीनियरों और असिस्टेंट इंजीनियरों को सौंपी जाएगी जो डिजाइन की योग्यता रखते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


डिजाइन प्रकोष्ठ में विभाग के ही योग्य एमटेक इंजीनियरों को शामिल किया जाएगा। साथ ही डिजाइन के लिए जरूरी संसाधन भी जुटाए जाएंगे। अपर मुख्य सचिव ने बाहरी एजेंसियों से डिजाइन तैयार कराए जाने पर रोक लगाए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विभाग को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। 

जांच प्रकोष्ठ भी बनेगा

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांचने के लिए विभागीय स्तर पर जांच प्रकोष्ठ भी गठित होने जा रहा है। प्रस्ताव को वित्त की मंजूरी मिल गई है। प्रकोष्ठ निर्माणाधीन योजनाओं की गुणवत्ता की जांच करेगा। इसके लिए आधुनिक मशीनों वाली एक प्रयोगशाला भी तैयार होगी, जिसमें निर्माण सामग्री के सैंपल की जांच होगी।


भूगर्भीय अध्ययन भी विभाग में ही होंगे

सड़कों, पुलों, भवनों व अन्य निर्माण कार्यों के भूगर्भीय अध्ययन का कार्य भी बाहरी एजेंसियों से नहीं किया जा सकेगा। ये कार्य विभागीय भू वैज्ञानिकों से कराया जाएगा। चीफ इंजीनियर के कार्यालय में भू वैज्ञानिक उपलब्ध न होने पर अध्ययन एवं मूल्यांकन के प्रस्ताव भू वैज्ञानिकों के पैनल को भेजे जा सकेंगे। विभाग के इंजीनियर इन चीफ हरिओम शर्मा ने सभी इंजीनियरों को भू वैज्ञानिकों के नामों की सूची भेजी दी है। इनमें देहरादून मुख्यालय में शिव कुमार राय, पौड़ी चीफ इंजीनियर कार्यालय में तुषार शर्मा व सुनील दत्त, अल्मोड़ा चीफ इंजीनियर कार्यालय प्रिया जोशी के नाम शामिल हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed