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उत्तराखंडः मोहंड में नेटवर्क उपलब्ध कराना फिलहाल संभव नहीं, पीएमओ ने भी खड़े किए हाथ

Fri, 21 Feb 2020 01:00 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 21 Feb 2020 01:00 AM IST
सार

  • नेटवर्क कंपनियों के जवाब के आधार पर पीएमओ ने बंद किया शिकायतकर्ता का केस
  • हाईवे का महत्वपूर्ण हिस्सा बता शिकायतकर्ता ने पीएम से फिर संज्ञान लेने की मांग की 

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Uttarakhand: Providing mobile network in Mohand is not possible, PMO also raised hands
Mobile Network - फोटो : uswitch.com

विस्तार

देहरादून-दिल्ली हाईवे पर मोहंड से डाट काली मंदिर तक 15 किमी के दायरे में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराने से अब पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं।

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यही नहीं, नेटवर्क कंपनियों के जवाब के बाद पीएमओ ने यह कहते हुए इस केस को ही बंद कर दिया है कि हाईवे के जंगल वाले क्षेत्र में नेटवर्क स्थापित करने में कितना समय लगेगा, फिलहाल यह बताना संभव नहीं है। क्योंकि, नेटवर्क का विस्तार एक सतत और लगातार चलने वाली प्रक्रिया है।
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साउथ सिविल लाइंस वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष और आयकर एवं औद्योगिक सलाहकार ठाकुर संजय सिंह ने देहरादून-दिल्ली हाईवे पर मोहंड से डाट काली मंदिर के बीच पड़ने वाले 15 किमी पहाड़ी रास्ते पर मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराने के लिए पीएमओ में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। सबसे उन्होंने पीएम कार्यालय को जुलाई, 2017 में शिकायत की थी।
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तब पीएमओ ने समाधान के लिए यह शिकायत मुख्य सचिव उत्तराखंड को भेज दी थी, लेकिन समाधान नहीं होने पर ठाकुर संजय ने मई 2019 में दोबारा पीएमओ से शिकायत की थी। अब नेटवर्क कंपनियों के जवाब के आधार पर पीएमओ ने इस केस को यह कहते हुए बंद कर दिया है कि संबंधित क्षेत्र जंगल में होने के कारण यहां फिलहाल मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना संभव नहीं है।

नेटवर्क नहीं होने से होती है परेशानी

शिकायतकर्ता को दिए गए जवाब में यह भी कहा गया है कि नेटवर्क विस्तार एक सतत और लगातार चलने वाली प्रक्रिया है, इसलिए कब तक मोबाइल कनेक्टिविटी दी जा सकेगी, इसका निश्चित समय नहीं बताया जा सकता।

इस जवाब से निराश ठाकुर संजय सिंह ने पीएम कार्यालय के ऑनलाइन पोर्टल पर टिप्पणी की है कि जहां एक ओर हमारा सपना चांद पर आशियाना बनाने का है तो वहीं पीएमओ से इस तरह का जवाब आशाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले का दोबारा संज्ञान लेने का अनुरोध किया है।

देहरादून-दिल्ली हाईवे पर मोहंड से डाट काली मंदिर के बीच पड़ने वाले 15 किमी पहाड़ी रास्ते पर मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से यात्रियों को बेहद परेशानी होती है। मोहंड से चढ़ाई शुरू होते ही मोबाइल का नेटवर्क चला जाता है और करीब 15 से 20 किमी बाद डाट काली मंदिर पार करने पर वापस आता है।

पहाड़ी रास्ता होने के कारण यहां कई बार हादसे और बरसात में भूस्खलन के कारण रास्ता बंद हो जाता है तो पुलिस प्रशासन को समय पर सूचना नहीं मिल पाती है। ऐसे में इस क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराने की मांग काफी दिनों से उठ रही है।

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