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Dehradun News: मॉडल जेल मैनुअल के आधार पर बनेगी कारागार नियमावली
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Iकैबिनेट में उत्तराखंड कारागार नियमावली 2023 बनाने को मिली मंजूरीI
केंद्र सरकार के मॉडल जेल मैनुअल के आधार पर उत्तराखंड कारागार नियमावली बनाई जाएगी। इसमें जेल सुधार के लिए विभिन्न श्रेणियों में बदलाव किए जाएंगे। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को मॉडल जेल मैनुअल 2016 का ड्राफ्ट तैयार कर भेजा था। इसमें अपने-अपने राज्यों के हिसाब से संशोधन कर नियमावली तैयार की जानी है। उत्तराखंड में नई नियमावली के लिए सोमवार को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
केंद्र सरकार ने देश में जेल सुधार और पुराने नियमों में बदलाव करते हुए 2016 में मॉडल जेल मैनुअल का मसौदा तैयार किया था। इसके तहत महिला कैदियों के लिए अलग से जेल, खुली जेल, बंदियों के ट्रांसफर, स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं में बड़ा बदलाव किया गया है। इसके साथ ही बंदियों के कल्याण कार्यक्रम, सजा में छूट, समय पूर्व मुक्ति आदि में भी एक सदी पुराने नियमों को बदला गया है। ऐसे में सभी राज्यों को इस मॉडल जेल मैनुअल के आधार पर ही जेल मैनुअल गठित करने को कहा गया था। देश के कई राज्यों में नए जेल मैनुअल बनाए जा चुके हैं।
इसी क्रम में गृह विभाग की ओर से भी सोमवार में हुई कैबिनेट में इस प्रस्ताव को रखा गया था। बैठक में मॉडल जेल मैनुअल के आधार पर उत्तराखंड कारागार नियमावली-2023 बनाने का निर्णय लिया गया है। इसमें प्रदेश की भौगोलिक और अन्य परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुए संशोधन किए जाएंगे। इसके बाद इसे जेलों में लागू किया जाएगा। मॉडल जेल मैनुअल जेल सुधार में अब तक का सबसे बड़ा कदम बताया जा रहा है। इससे न सिर्फ बंदियों की हालत में सुधार होगा, बल्कि उनके हकों का भी गंभीरता से ध्यान रखा जा सकेगा। महिला बंदियों के लिए विशेष व्यवस्था का प्रावधान भी इस केंद्र सरकार के मैनुअल में है।
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Iमैदानी क्षेत्रों फायर स्टेशनों पर तैनात होंगे अतिरिक्त वाहनI
कैबिनेट ने उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग के एक प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसमें फायर स्टेशन पर वाहन, मशीनरी और उपकरणों के मानकों में संशोधन किया गया है। इसके तहत मैदानी क्षेत्रों में अग्निकांड अधिक होते हैं। लिहाजा, मैदानी जनपदों के मुख्यालयों में एक अतिरिक्त वाटर टेंडर, फोन टेंडर, बाउजर आदि स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा विधानसभा भवन, मुख्यमंत्री आवास, राष्ट्रपति आशियाना, सचिवालय समेत राजकीय मुख्यालयों में भी एक-एक अतिरिक्त फोम व वाटर बाउजर की स्वीकृति की गई है। ताकि, यहां समय रहते जल्द से जल्द अग्निशमन कार्य को शुरू किया जा सके।
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केंद्र सरकार के मॉडल जेल मैनुअल के आधार पर उत्तराखंड कारागार नियमावली बनाई जाएगी। इसमें जेल सुधार के लिए विभिन्न श्रेणियों में बदलाव किए जाएंगे। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को मॉडल जेल मैनुअल 2016 का ड्राफ्ट तैयार कर भेजा था। इसमें अपने-अपने राज्यों के हिसाब से संशोधन कर नियमावली तैयार की जानी है। उत्तराखंड में नई नियमावली के लिए सोमवार को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
केंद्र सरकार ने देश में जेल सुधार और पुराने नियमों में बदलाव करते हुए 2016 में मॉडल जेल मैनुअल का मसौदा तैयार किया था। इसके तहत महिला कैदियों के लिए अलग से जेल, खुली जेल, बंदियों के ट्रांसफर, स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं में बड़ा बदलाव किया गया है। इसके साथ ही बंदियों के कल्याण कार्यक्रम, सजा में छूट, समय पूर्व मुक्ति आदि में भी एक सदी पुराने नियमों को बदला गया है। ऐसे में सभी राज्यों को इस मॉडल जेल मैनुअल के आधार पर ही जेल मैनुअल गठित करने को कहा गया था। देश के कई राज्यों में नए जेल मैनुअल बनाए जा चुके हैं।
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इसी क्रम में गृह विभाग की ओर से भी सोमवार में हुई कैबिनेट में इस प्रस्ताव को रखा गया था। बैठक में मॉडल जेल मैनुअल के आधार पर उत्तराखंड कारागार नियमावली-2023 बनाने का निर्णय लिया गया है। इसमें प्रदेश की भौगोलिक और अन्य परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुए संशोधन किए जाएंगे। इसके बाद इसे जेलों में लागू किया जाएगा। मॉडल जेल मैनुअल जेल सुधार में अब तक का सबसे बड़ा कदम बताया जा रहा है। इससे न सिर्फ बंदियों की हालत में सुधार होगा, बल्कि उनके हकों का भी गंभीरता से ध्यान रखा जा सकेगा। महिला बंदियों के लिए विशेष व्यवस्था का प्रावधान भी इस केंद्र सरकार के मैनुअल में है।
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Iमैदानी क्षेत्रों फायर स्टेशनों पर तैनात होंगे अतिरिक्त वाहनI
कैबिनेट ने उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग के एक प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसमें फायर स्टेशन पर वाहन, मशीनरी और उपकरणों के मानकों में संशोधन किया गया है। इसके तहत मैदानी क्षेत्रों में अग्निकांड अधिक होते हैं। लिहाजा, मैदानी जनपदों के मुख्यालयों में एक अतिरिक्त वाटर टेंडर, फोन टेंडर, बाउजर आदि स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा विधानसभा भवन, मुख्यमंत्री आवास, राष्ट्रपति आशियाना, सचिवालय समेत राजकीय मुख्यालयों में भी एक-एक अतिरिक्त फोम व वाटर बाउजर की स्वीकृति की गई है। ताकि, यहां समय रहते जल्द से जल्द अग्निशमन कार्य को शुरू किया जा सके।