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उत्तराखंडः महानुभावों की सवारी, महंगी खरीदने की तैयारी
Tue, 01 Oct 2019 04:05 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून
राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 01 Oct 2019 04:05 PM IST
सार
- सरकारी वाहन खरीदने की नीति का नया प्रस्ताव तैयार
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प्रतीकात्मक
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विस्तार
वित्त विभाग की मंजूरी मिली तो आने वाले दिनों में महानुभावों के ठाट बाट बढ़ जाएंगे। दरअसल, परिवहन विभाग वाहन खरीद नीति में संशोधन करने जा रहा है। इस संशोधन के तहत महानुभावों से लेकर शासन और फील्ड में तैनात अफसरों को आवश्यकता पड़ने पर महंगी सवारी देने की तैयारी है। इतना ही नहीं उनके द्वारा किराये पर लिए जाने वाले वाहनों की मासिक दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव भी है। परिवहन आयुक्त कार्यालय से प्रस्ताव तैयार कर शासन पहुंच चुका है। परिवहन सचिव शैलेश बगौली प्रस्ताव ने पुष्टि की है।
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सूत्रों की मानें तो प्रस्ताव के पीछे बाजार में वाहनों की कीमतों में आया उछाल माना जा रहा है। उनका कहना है कि मंत्रियों एवं मंत्री स्तर, मुख्य सचिव, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश व पीसीसीएफ, डीजीपी को लग्जरी वाहन उपलब्ध कराए जाते हैं। वर्ष 2016 में तय क्रय नीति की अधिसूचना के अनुसार, ऐसे लग्जरी वाहन की खरीद सीमा अधिकतम 15 लाख रुपये तक है। इस श्रेणी में वाहन खरीद की नई दर 20 लाख रुपये तक करने का प्रस्ताव है। दूसरी श्रेणी के तहत 12 लाख रुपये तक के वाहन खरीदे जा सकते हैं। इस श्रेणी में प्रमुख सचिव, सचिव, कमिश्नर, डीजीपी, एससीएफ स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इस श्रेणी के तहत 15 लाख रुपये तक के वाहन खरीद का प्रस्ताव किया गया है।
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तीसरी श्रेणी विभाग प्रमुखों, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी स्तर के अधिकारी की है, जिसके लिए अभी आठ लाख रुपये तक के वाहन खरीदे जा सकते हैं। इस सीमा को बढ़ाकर 10 लाख करने का प्रस्ताव है। चौथी श्रेणी निदेशालय व जनपद स्तर के अधिकारियों की है। जिनके लिए वाहन खरीद की सीमा छह लाख निर्धारित है। इस सीमा को बढ़ाकर आठ लाख करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा निजी वाहनों या किराये के वाहनों के इस्तेमाल पर परिवहन विभाग ने 17 हजार रुपये से लेकर 23 हजार रुपये की मासिक दरें निर्धारित कर रखी है। विभाग ने इन दरों में वृद्धि का प्रस्ताव किया है। परिवहन सचिव शैलेश बगौली का कहना है कि प्रस्ताव अभी प्रारंभिक स्तर पर है और इस पर अभी वित्त विभाग से चर्चा होनी है। कोई जरूरी नहीं कि वित्त विभाग या शासन स्तर पर इसे मंजूरी मिले ही मिले।
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सरकारी वाहनों की खरीद के लिए प्रस्तावित दरें
श्रेणी वर्तमान दरें प्रस्तावित दरें
ए 15 लाख 20 लाख
बी 12 लाख 15 लाख
सी 08 लाख 10 लाख
डी 06 लाख 08 लाख