उत्तराखंड: एमएसएमई उद्यमियों को निवेश करना होगा आसान, एनओसी और लाइसेंस प्रक्रिया में छूट देने की तैयारी
- तीन साल तक एनओसी और लाइसेंस प्रक्रिया में छूट देने की तैयारी
- उद्योग विभाग ने शासन को भेजा है प्रस्ताव, जल्द मिल सकती है हरी झंडी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड में एमएसएमई उद्योगों में निवेश करना और आसान होगा। उद्योग लगाने से पहले विभिन्न विभागों से ली जाने वाले एनओसी और लाइसेंस प्रक्रिया में तीन साल तक छूट देने की तैयारी है। इस छूट के लिए उद्योग विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा है। जल्द ही सरकार इस पर फैसला ले सकती है।
प्रदेश में अभी तक एमएसएमई उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों को विभिन्न विभागों से 12 से 15 प्रकार की एनओसी और लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी है। इस प्रक्रिया को पूरी करने में उद्यमियों का काफी समय लग जाता है।
एक उद्योग लगाने के लिए निवेशक को भू-उपयोग परिवर्तन, भवन निर्माण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, अग्निशमन, फूड लाइसेंस, कारखाना अधिनियम समेत अन्य एनओसी लेनी जरूरी होती है। जिसके बाद ही उद्योग स्थापित किया जा सकता है।
गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, हिमाचल समेत अन्य कई राज्यों से एमएसएमई उद्योग स्थापित लगाने के लिए तीन साल तक एनओसी व लाइसेंस प्रक्रिया में छूट दी है। इसी तर्ज पर अब सरकार ने एमएसएमई उद्योगों के लिए निवेश को आसान करने जा रही है।
एमएसएमई उद्योगों में 13500 करोड़ का निवेश
प्रदेश में अब तक एमएसएमई उद्योगों में 13500 करोड़ का निवेश हुआ है। लगभग 64 हजार एमएसएमई उद्योग स्थापित है। राज्य गठन से पहले उत्तराखंड में एमएसएमई उद्योगों की संख्या 14 हजार थी। इसमें 700 करोड़ का निवेश हुआ था। लेकिन राज्य गठन के बाद से जनवरी 2020 तक प्रदेश में 50 हजार एमएसएमई उद्योग स्थापित हुए हैं। इसमें 12778 करोड़ का निवेश हुआ है। एमएसएमई उद्योगों में 3.21 लाख लोगों को रोजगार मिला है।
एमएसएमई उद्योगों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार का निवेश प्रक्रिया को आसान करने पर फोकस है। छोटे उद्योगों के लिए एनओसी व अनुमति प्रक्रिया का सरलीकरण करने को प्रस्ताव भेजा गया है।
- सुधीर चंद्र नौटियाल, निदेशक, उद्योग विभाग
एमएसएमई उद्योग में निवेश के लिए एनओसी व लाइसेंस की प्रक्रिया जटिल है। यदि सरकार तीन साल के लिए एनओसी व लाइसेंस प्रक्रिया में छूट देती है तो उद्यमियों अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल उद्योग स्थापित करने में लगाएंगे। कई बार जटिल प्रक्रिया के कारण निवेशक उद्योग लगाने का मन बदल देता है।
- पंकज गुप्ता, अध्यक्ष, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड