उत्तराखंड: गर्भवती किशोरी की मौत, तीन लोगों पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज, पुलिस ने गड्ढे से निकलवाया शव
- परिजनों का कहना है कि दुष्कर्म की वजह से नाबालिग ने आत्महत्या की
विस्तार
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में कांडा के एक गांव में गर्भवती किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ था इसी कारण उसने आत्महत्या की है। हालांकि उन्होंने किसी को भनक नहीं लगने दी और किशोरी के शव को दफना दिया।
इसका पता चलने पर पुलिस ने शव को गड्ढे से निकलवा लिया है। मृतका की मां ने तीन लोगों के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। परिजनों की ओर से मामला छिपाए जाने के कारण किशोरी की मौत की गुत्थी उलझ गई है।
संदिग्ध परिस्थितियों में मरी किशोरी गांव में अपने दादा-दादी के साथ रहती थी और उसके माता-पिता तीन किमी दूर दूसरे गांव में रहते थे। एसपी रचिता जुयाल को बुधवार को सूचना मिली थी कि कांडा तहसील क्षेत्र के एक गांव की गर्भवती किशोरी लापता है।
इस पर उन्होंने बृहस्पतिवार को कपकोट की सीओ संगीता, कांडा के एसओ प्रह्लाद सिंह को पुलिस बल के साथ गांव भेजा। पहले तो परिजन घटना से इंकार करने लगे लेकिन पुलिस की सख्ती के आगे टूट गए। उन्होंने बताया कि 17 साल की बेटी की मौत हो गई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
उन लोगों ने उसे दफना दिया। मृतका की मां ने पुलिस को तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मृतका के साथ दुष्कर्म की तहरीर दी देते हुए आरोप लगाया है कि इसी वजह से लड़की ने आत्महत्या की है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 376, 306 और पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
डीएम रंजना राजगुरु की अनुमति मिलने पर उनके द्वारा नियुक्त मजिस्ट्रेट कांडा के तहसीलदार मैनपाल सिंह की मौजूदगी में देर शाम जमीन से मृतका का शव निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच के बाद किशोरी की मौत के रहस्य से पर्दा उठने की उम्मीद है।
बुधवार को सूचना मिली थी कि कांडा क्षेत्र के गांव की गर्भवती किशोरी मंगलवार को अपनी दादी के साथ अस्पताल गई थी, उसका कोई पता नहीं चल रहा है। छानबीन में पता चला कि मंगलवार रात वह मर गई है। परिजन कुछ भी बता नहीं रहे थे। पूछताछ के बाद परिजनों ने उसकी मौत होने की बात स्वीकारी। मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
- रचिता जुयाल, एसपी बागेश्वर।