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Uttarakhand News: अब अचानक बंद नहीं होंगे पावर हाउस, आयोग ने यूजेवीएनएल से मांगा कैलेंडर

Sat, 18 May 2024 02:03 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो , देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो , देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 18 May 2024 02:03 PM IST
सार

आयोग ने यूपीसीएल को लांग टर्म और मीडियम टर्म से बिजली खरीदने के निर्देश दिए। नियामक आयोग ने तीनों ऊर्जा निगमों से वर्तमान हालात के परिपेक्ष्य में जवाब मांगा है।

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Uttarakhand Power houses will not be closed suddenly commission asked for calendar from UJVNL
मीटिंग ( प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

विस्तार

उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड के पावर हाउस अब अचानक या पीक समय में बंद नहीं होंगे। इसके रख-रखाव कार्य के लिए शटडाउन को उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने कैलेंडर बनाने के निर्देश दिए हैं। ताकि उसी हिसाब से यूपीसीएल पहले से बिजली का इंतजाम कर सके।

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दरअसल, हाल में ही यूजेवीएनएल और यूपीसीएल ने आपस में मशविरा करके यमुना वैली के पावर हाउस रख-रखाव व अन्य कार्यों के लिए कुछ दिन बंद रखे। जिससे यूपीसीएल पर लोड बढ़ गया। नियामक आयोग के सचिव नीरज सती ने बताया कि हाइड्रो पावर में काम करने वाले यूजेवीएनएल का वर्तमान में कोई वार्षिक बंदी कैलेंडर नहीं है।

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निगम पर बढ़ता जा रहा वित्तीय बोझ
यूजेवीएनएल प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि वह जनवरी से दिसंबर तक का शटडाउन प्लान आयोग के सामने पेश करे। जिससे उसी हिसाब से बिजली का इंतजाम किया जा सके। यूपीसीएल को भी आयोग ने नोटिस जारी करते हुए लांग टर्म और मीडियम टर्म की बिजली खरीद न होने पर जवाब मांगा है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से यूपीसीएल की ओर से बिजली खरीद के शॉर्ट प्रस्ताव आ रहे हैं, जिससे निगम पर वित्तीय बोझ बढ़ता जा रहा है।
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हालांकि यूपीसीएल प्रबंधन का कहना है कि मीडियम टर्म बिजली खरीद का टेंडर निकालने के बावजूद कोई कंपनी आने को तैयार नहीं हुई। आयोग ने पिटकुल से भी जवाब मांगा है। नीरज सती का कहना है कि तीनों निगमों को आपस में समन्वय बनाते हुए काम करना होगा, तभी बिजली किल्लत के इस दौर में आपूर्ति बेहतर हो सकेगी।

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