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उत्तराखंड: बिजली चोरों की अब खैर नहीं,  शिकंजा और कड़ा करने की तैयारी में यूपीसीएल

Sun, 28 Jun 2020 05:03 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 28 Jun 2020 05:03 PM IST
सार

  • एक साल में 4540 जगह पड़ा छापा, 3081 बिजली चोरी के मुकदमे दर्ज
  • हरिद्वार, यूएसनगर और नैनीताल की तराई के ग्रामीण इलाके बनें सबसे बड़ा सिरदर्द
  • निजी एजेंसी की मदद लेने के विकल्प पर भी हो रहा है विचार

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Uttarakhand Power corporation will strict on People which Theft Electricity

विस्तार

उत्तराखंड में बिजली चोरी से सरकार को करोड़ों का चूना लगाने वालों पर अब शिकंजा कसने की तैयारी है। उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) बिजली चोरों के खिलाफ अभियान छेड़ेगा।

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देहरादून, हरिद्वार, यूएसनगर और नैनीताल का तराई के ग्रामीण इलाके निगम के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बनें हैं। ऐसे इलाकों में छापे और कार्रवाई के दौरान यूपीसीएल के अधिकारियों के साथ मारपीट की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। ऐसे इलाकों के लिए निगम अलग से कार्ययोजना बनाएगा। ऐसे इलाकों में बिजली चोरी की घटनाओं से निपटने के लिए निगम निजी एजेंसी की मदद के विकल्प पर भी विचार कर रहा है।
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पिछले एक साल के दौरान निगम ने अपनी विजलेंस विंग को भी मजबूत बनाने का काम किया है। इसका नतीजा है कि पिछले एक साल के दौरान 4540 छापों की कार्रवाई 3081 बिजली चोरी के मामले पकड़े गए और मुकदमे दर्ज हुए, लेकिन यूपीसीएल के सूत्रों की मानें तो लाइन लॉस के हिसाब अभी बिजली चोरी के बहुत अधिक मामले हैं जिनसे निपटने के लिए खास रणनीति बनानी होगी।
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कोविड-19 महामारी के बाद से यूपीसीएल की बाकी गतिविधियों के साथ छापों की कार्रवाई भी धीमी पड़ गई थी। अब इसमें तेजी आएगी। निगम पर लाइन लास को कम करने का भारी दबाव है। इसके कारण सैकड़ों करोड़ की बिजली जाया हो जाती है। पिछले दो-तीन सालों में यूपीसीएल ने बिजली सुधारों और चोरी की घटनाओं पर रोक लगाकर लाइन लॉस को 15 फीसदी से घटाकर 13.42 फीसदी तक किया है। अभी इसमें और कमी लाई जानी है।

पिछले एक साल का बिजली चोरी का लेखा जोखा

माह             कनेक्शनों की जांच    बिजली चोरी के दर्ज मुकदमे
अप्रैल 2019       208                      177
मई 2019          408                       338
जून 2019          343                      227
जुलाई 2019       395                      243
अगस्त 2019      421                      284
सितंबर 2019     427                      295
अक्तूबर 2019    393                     214
नवंबर 2019       418                     265
दिसंबर 2019     419                      324
जनवरी 2020     422                      315
फरवरी 2020     456                      278
मार्च 2020         230                      121
कुल योग           4540                    3081

पिछले कुछ सालों के दौरान कई तकनीकी सुधार और उपाय किए गए, जिससे लाइन लॉस को 13.42 प्रतिशत तक लाया गया है। लेकिन बिजली चोरी के खिलाफ हमें नई रणनीति के साथ काम करना होगा। अभी भी हरिद्वार, यूएसनगर और नैनीताल की तराई के कई ग्रामीण इलाकों में हमें बिजली चोरी की सूचनाएं मिलती हैं। छापे या कनेक्शन काटने की कार्रवाई पर हमारे अधिकारियों से दुर्व्यवहार घटनाएं भी सामने आती रही हैं। इन सभी पहलुओं पर विचार कर ऐसे इलाकों के लिए नई रणनीति और विकल्पों पर विचार हो रहा है।
- बीसीके मिश्रा, प्रबंध निदेशक, यूपीसीएल

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