उत्तराखंड: कोरोना से पीड़ित सांस के मरीजों को राहत, ऋषिकेश एम्स में पोर्टेबल बेडसाइड ब्रोंकोस्कॉपी शुरू
- सांस की बीमारी से पीड़ित कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मुश्किल होगी आसान
विस्तार
ऋषिकेश एम्स में शुक्रवार को कोरोना वायरस से ग्रसित मरीजों के लिए पोर्टेबल बेडसाइड ब्रोंकोस्कॉपी की सुविधा शुरू हो गई है। इस सुविधा से आइसोलेशन वार्ड में भर्ती सांस के मरीजों की वहीं पर ब्रोंकोस्कॉपी की जा सकेगी, इसके लिए उन्हें ऑपरेशन थियेटर में शिफ्ट नहीं करना पड़ेगा।
साथ ही सांस की नली में ट्यूमर, सांस की नली से खून निकलने और बलगम फंसने की जांच सुगम हो सकेगी। एम्स निदेशक प्रो.रवि कांत ने एम्स में ओएनजीसी के सहयोग से उपलब्ध पोर्टेबल बेडसाइड ब्रोंकोस्कॉपी सुविधा शुरू की। उन्होंने बताया कि ओएनजीसी द्वारा सीएसआर मद से एम्स का सहयोग किया गया है।
संस्थान के पल्मोनरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ.गिरीश सिंधवानी ने बताया कि इसके लिए एम्स संस्थान की पूर्व में ओएनजीसी के साथ संयुक्त बैठक हुई थी, इसमें कोरोना मरीजों से संक्रमण फैलने के खतरों पर चर्चा की गई।
जिसके बाद पोर्टेबल बेडसाइड ब्रोंकोस्कॉपी के लिए सहयोग किया गया। इस अवसर पर संस्थान की डीन सीएसआर डॉ.श्रीपर्णा बासू, नोडल ऑफिसर कोविड डॉ.मधुर उनियाल, ओएनजीसी के जीजीएम एचसीए वीके जैन, जीएम सीएसआर आरके द्विवेदी, जीएम मेडिकल पी.वासन, जीएम आरके डोभाल मौजूद थे।