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तैयार होंगे पुलिस के दस ‘पदक जिताऊ’ खिलाड़ी
राकेश शर्मा / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 02 Jun 2017 02:32 PM IST
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एमए गणपति
- फोटो : AmarUjala
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प्रदेश में पुलिस की पहली आंतरिक खेल नीति लागू हो गई है। आगामी कामनवेल्थ और ओलंपिक के लिए दस खिलाड़ी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, जिनके प्रदर्शन से पदक की उम्मीद की जा सके।
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प्रदेश के 14 आईपीएस अधिकारियों को इन खिलाड़ियों को गाइड करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पिछले ओलंपिक में 20 किमी वॉक में उत्तराखंड पुलिस के मनीष रावत ने 13वां स्थान लाकर पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड के इरादों को और मजबूती दी है।
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खेल नीति में 2018 में प्रस्तावित कामनवेल्थ, 2020 में ओलंपिक और 2022 में एशियन गेम्स पर फोकस किया गया है। पुलिस महानिदेशक एमए गणपति ने दो दिन पहले ही आंतरिक खेल नीति को हरी झंडी दी है। इसके तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में एथलेटिक्स, शूटिंग, बॉक्सिंग, जूडो और कुश्ती में उच्च कोटि के 31 खिलाड़ी तैयार किए जाएंगे। नियमित अभ्यास, आधुनिक प्रशिक्षण, आहार भत्ता बढ़ाकर इन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से परिपक्व बनाया जाएगा। ताकि, इनमें से 10 का चयन कामनवेल्थ और ओलंपिक के लिए हो सके।
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पुलिस स्पोर्र्ट्स कंट्रोल बोर्ड के सचिव अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस की आंतरिक खेल नीति में खेलों और खिलाड़ियों के लिए कई नई व्यवस्थाएं हैं। सुपर 31 के खिलाड़ियों के आहार भत्ते में 100 रुपये प्रतिदिन इजाफा किया गया है। जबकि, इंस्पेक्टर मनीष रावत के आहार भत्ते में 150 रुपये का इजाफा हुआ है। 35 वर्ष से अधिक के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें कोच बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स कोटे में नई भर्ती को शासन स्तर पर पैरोकारी की जा रही है।
स्पोर्ट्स साइंस सेंटर विकसित करेगी पुलिस
पुलिस की आंतरिक खेल नीति में खिलाड़ियों की गुणवत्ता बढ़ाने को स्पोर्ट्स साइंस सेंटर विकसित करने के साथ भर्ती नीति और पदोन्नति नियमावली में संशोधन के कई प्रस्ताव दिए गए हैं, जिस पर शासन को अंतिम फैसला लेना है। खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए छह माह में एक बार डीजीपी की ओर से सराहनीय पदक भी रखा गया है। खेल निधि से एक निर्धारित राशि रिवार्ड के लिए रखने को कहा गया है। पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड के सचिव अशोक कुमार की देखरेख में एआईजी स्पोर्ट्स, केवल खुराना और स्पोर्ट्स सेक्शन ने खेल नीति तैयार की है।
2012 से नहीं हुई भर्ती
उत्तराखंड पुलिस में स्पोर्ट्स कोर्ट में 2012 से कोई भर्ती नहीं हुई है। खेलों में अच्छे प्रदर्शन के लिए अधिकतम आयु 25 वर्ष होती है। पूर्व में भर्ती हुए खिलाड़ी इस उम्र को पार कर चुके हैं। ऐसे में नए खिलाड़ियों के चयन को प्राथमिकता के रूप में लेने की जरूरत है।
पदोन्नति नियमावली में संशोधन
पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड ने पदोन्नति नियमावली-2016 में संशोधन की बात कही है। 2017 में तीन उपनिरीक्षक और नौ मुख्य आरक्षियों को पदोन्नति दी गई है, जबकि 2011 से 2013 के बीच पदक प्राप्त खिलाड़ियों को पदोन्नति का लाभ प्राप्त नहीं हुआ है।