पंचायत चुनाव: 20 सितंबर से नामांकन शुरू करना चाहता है निर्वाचन आयोग, सीएम से अनुमति का इंतजार
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का भविष्य फिलहाल सीएम दरबार में आकर लटक गया है। राज्य निर्वाचन आयोग के प्रस्तावित चुनाव कार्यक्रम पर सरकार अभी कोई फैसला नहीं कर पाई है। सूत्रों के अनुसार, निर्वाचन आयोग के स्तर पर जो कार्यक्रम सरकार को भेजा गया है, उसमें 20 सितंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू करने का इरादा जाहिर किया गया है।
पंचायत चुनाव के लिए यह व्यवस्था है कि जब सरकार प्रस्तावित कार्यक्रम पर सहमति जताएगी, तब ही चुनाव की बात आगे बढे़गी। आयोग पिछले सप्ताह ही सरकार को प्रस्तावित चुनाव कार्यक्रम भेज चुका है।
हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद सरकार ने आश्वस्त किया है कि 30 नवंबर 2019 तक हर तरह के पंचायत चुनाव करा लिए जाएंगे। पंचायतें तीन स्तरों पर बंटी हुई है। इसमें ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत के अलावा जिला पंचायत के चुनाव होने हैं। फिलहाल इन सभी जगहों पर प्रशासकों की तैनाती है।
निर्वाचन आयोग 20 अक्टूबर तक तीन चरणों में इन तीनों पंचायतों के चुनाव करा लेना चाहता है। इसके बाद, क्षेत्र पंचायत प्रमुख और जिला पंचायतों के अध्यक्षों के चुनाव का नंबर आएगा। जिला पंचायत अध्यक्षों के चुनाव से पहले सरकार को उनका आरक्षण तय करना होगा।
इन स्थितियों के बीच, राज्य निर्वाचन आयोग के प्रस्तावित चुनाव कार्यक्रम पर सरकार कितना सहमत है, यह साफ नहीं हो पा रहा है। इस मामले में सियासी हलकों में अलग- अलग तरह की बातें निकलकर सामने आ रही है। यह कहने वालों की भी कमी नहीं है कि सरकार बहुत जल्द चुनाव नहीं चाहती। ऐसे में ये सवाल अपनी जगह है कि हाईकोर्ट के सख्त रुख और वहां दिए गए आश्वासन से मुुंह फेरना सरकार के लिए कितना मुनासिब होगा।
दूसरी तरफ, सरकार जब तक प्रस्तावित चुनाव कार्यक्रम पर कोई फैसला करे, राज्य निर्वाचन आयोग अल्मोड़ा और ऊधमसिंह नगर जिले के कुछ हिस्सों में वोटर लिस्ट के काम को तेजी से पूरा करवाने में जुटा है। इन जिलों के कुछ इलाकों में ऐन वक्त पर सरकार के निर्णयों की वजह से परिसीमन का गणित बिगड़ा है। इसका असर वोटर लिस्ट तक भी आया है।