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उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय : अब डीजी लॉकर के जरिये निकालें मार्कशीट और डिग्री

Sat, 18 Jan 2020 12:18 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 18 Jan 2020 12:18 PM IST
सार

  • यूओयू की व्यवस्था, विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय या अध्ययन सेंटरों के नहीं काटने होंगे चक्कर

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Uttarakhand Open University: Now get mark sheet and degree through DIGILocker
DigiLocker

विस्तार

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए खुशखबरी है। दूर दराज के विद्यार्थियों की सुविधा के लिए उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय जल्द ही एक नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है।

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विद्यार्थियों को फाइनल ईयर की मार्कशीट और डिग्री लेने के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर नहीं काटने होंगे। वे घर बैठे ही डीजी लॉकर के माध्यम से मार्कशीट और डिग्री प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें केवल अपनी जन्मतिथि, परीक्षा का अनुक्रमांक और नामांकन संख्या डालनी होगी।
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उत्तराखंड विश्वविद्यालय में वर्तमान में ग्रीष्मकालीन सत्र 2019 -20 में करीब 70 हजार छात्र पंजीकृत हैं। इसके साथ ही शीतकालीन सत्र 2020-21 में अभी प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। अभी तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को फाइनल ईयर की मार्कशीट प्राप्त करने के लिए या तो अध्ययन केंद्र के चक्कर काटने पड़ते हैं या फिर मुक्त विश्वविद्यालय हल्द्वानी कार्यालय की दौड़ लगानी पड़ती है।

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निर्धारित कोड डालकर डाउनलोड कर सकेंगे छात्र

डिग्री के लिए भी आवेदन करने के बाद इंतजार करना पड़ता है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. पीडी पंत ने बताया कि विद्यार्थियों को डीजी लॉकर के माध्यम से मार्कशीट और डिग्री उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।

विश्वविद्यालय द्वारा फाइनल ईयर की मार्कशीट और डिग्री डीजी लॉकर पर डाल दी जाएगी, जिसे छात्र कहीं से निर्धारित कोड डालकर डाउनलोड कर सकेंगे। इससे नियुक्ति के समय सरकारी विभागों को अभ्यर्थी के शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन करने में सुविधा होगी। 

विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के हित में हर संभव सुविधाएं मुहैया कराने के लिए संकल्पबद्ध है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमों के अनुरूप प्रत्येक विषय में जहां स्थायी शिक्षक नहीं हैं वहां अकादमिक परामर्शदाताओं की नियुक्ति की गई है। पीएचडी से लेकर प्रमाणपत्र कार्यक्रम तक लगभग 90 कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं।  
- प्रो. ओपीएस नेगी, कुलपति यूओयू

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