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उत्तराखंड : कुपवाड़ा में शहीद यमुना प्रसाद पनेरू का शव पहुंचा हल्द्वानी आर्मी स्टेशन, रविवार को होगा अंतिम संस्कार

Sat, 13 Jun 2020 04:58 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 13 Jun 2020 04:58 PM IST
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Uttarakhand: Okhlakanda jawan martyred in Kupwara, cremation will done on sunday
शहीद यमुना प्रसाद पनेरू - फोटो : amar ujala
शहीद यमुना प्रसाद पनेरू का शव आज हल्द्वानी आर्मी स्टेशन पहुंचा। शहीद यमुना प्रसाद पनेरू का पार्थिव शव दोपहर लगभग 2.40 मिनट पर सेना के हेलीकॉप्टर से पहुंचा। आर्मी ग्राउंड पर सेना के जवानों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी।
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इस दौरान स्टेशन कमांडर मोहन अमित, लेफ्टिनेंट कर्नल विजय आनन्द जोशी, लेफ्टिनेंट कर्नल विकास कुमावत, मेजर राम विनोद सिंह, मेजर साधना व एसडीएम विवेक रॉय मौजूद रहे।
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इसके बाद पार्थिव शरीर को आर्मी स्टेशन में रख दिया गया, कल रविवार को प्रातः छह बजे शव को शहीद के घर पहुंचाया जाएगा। जिसके बाद चित्रशिला घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

 

बृहस्पतिवार सुबह पेट्रोलिंग के दौरान शहीद हो गए

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में तैनात गोरापड़ाव निवासी सूबेदार यमुना प्रसाद पनेरू बृहस्पतिवार सुबह पेट्रोलिंग के दौरान शहीद हो गए। वह कुपवाड़ा के गुरेज सेक्टर में तैनात थे। मूलरूप से ओखलकांडा ब्लॉक के पदमपुर मीडार गांव निवासी यमुना प्रसाद पनेरू (39) पुत्र स्व. दयाकिशन पनेरु फरवरी 2002 में रानीखेत में कुमाऊं रेजिमेंट की छह कुमाऊं में भर्ती हुए थे।

उन्होंने प्राइमरी शिक्षा मीडार से ली। इसके बाद 12वीं पास हरिद्वार से और एमएससी देहरादून से किया। सेना में भर्ती होने के बाद यमुना प्रसाद सेना के पर्वतारोही दल में शामिल हुए और 2012 में उन्होंने एवरेस्ट फतह किया।

वह एवरेस्ट फतह करने वाले 06 कुमाऊं के पहले फौजी बने। बताया गया कि वर्ष 2013-14 में वह सेना की ओर से भूटान भी गए थे। वहां से लौटने के बाद उन्होंने जेसीओ का कमीशन निकालने के साथ हवलदार से सूबेदार के पद पर नियुक्ति पाई।

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