फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand: Now trees and plants will tell their own story, Forest Research Center did a unique experiment

उत्तराखंड : अब पेड़-पौधे खुद बयां करेंगे अपनी कहानी, वन अनुसंधान केंद्र ने किया अनूठा प्रयोग

Tue, 21 Jul 2020 04:33 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal धन सिंह बिष्ट, अमर उजाला, हल्द्वानी
धन सिंह बिष्ट, अमर उजाला, हल्द्वानी Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 21 Jul 2020 04:33 PM IST
विज्ञापन
Uttarakhand: Now trees and plants will tell their own story, Forest Research Center did a unique experiment
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

मैं मालू हूं। मैं फेबऐसी परिवार से ताल्लुक रखती हूं। मुझे भोजन, दवा, फाइबर, टैनिन और अन्य सामग्रियों के स्थानीय स्रोत के रूप में काटा जाता है...। उत्तराखंड में अगर आप किसी वनस्पति को देखें और आपको इस तरह से उसका परिचय मिले तो यह अचंभित करने वाला होगा, लेकिन आपको बिना किसी की मदद से वनस्पति की पूरी जानकारी मिल जाएगी। इसके लिए वन अनुसंधान केंद्र ने वनस्पतियों के माध्यम से ही उनका परिचय देने की व्यवस्था की है।

विज्ञापन


देश-विदेश में पाई जाने वाली वनस्पतियों पर शोध करने के साथ ही वन अनुसंधान केंद्र उनका संरक्षण भी करता है। संरक्षण और शोध के लिए कुमाऊं मंडल में हल्द्वानी, नैनीताल, रानीखेत, पिथौरागढ़ और गढ़वाल मंडल में गोपेश्वर, देहरादून में शोध केंद्र, नर्सरियां स्थापित की गईं  हैं। देश-विदेश के लोग इन वनस्पतियों को देखने आते हैं, लेकिन हर किसी को वनस्पतियों के संबंध में पूरी जानकारी नहीं मिल पाती।
विज्ञापन


इसके लिए अनुसंधान केंद्र ने अब अनूठा प्रयोग करते हुए वनस्पतियों के माध्यम से ही उनकी जानकारी देने की व्यवस्था की है। हर केंद्र में वनस्पति के साथ एक बोर्ड लगा होगा, जिसमें उसकी संपूर्ण जानकारी होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

आत्मिक रूप से होगा जुड़ाव

मसलन उसका इतिहास, नाम, प्रजाति, उपयोग के साथ ही अन्य ब्योरा। इससे बिना किसी की मदद लिए कोई भी वनस्पति के बारे में समग्र जानकारी ले सकता है। हल्द्वानी वन अनुसंधान केंद्र से इसकी शुरुआत की गई है।

इससे लोगों का वनस्पतियों से आत्मिक जुड़ाव भी होगा। आमतौर पर लोग नर्सरी आदि के भ्रमण में वनस्पतियों को देखकर लौट आते हैं, लेकिन इस तरह से जानकारी लोगों के लिए भावनात्मक होगी और उनका प्रकृति के तरफ रुझान भी बढ़ेगा।

पेड़-पौधों के प्रति लगाव पैदा करने के लिए लोगों को वनस्पतियों के बारे में पूरी जानकारी होना जरूरी है। इसके लिए वनस्पतियों के माध्यम से ही उनके बारे में जानकारी देने का प्रयास किया गया है। काफी समय से इस योजना पर काम चल रहा था, जिसे अब धरातल पर उतारा है। इससे हर किसी को हर वनस्पति की समग्र जानकारी मिलेगी। - संजीव चतुर्वेदी, वन संरक्षक अनुसंधान

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed