उत्तराखंड: 5 नगर निकायों के चुनाव पर लगा ‘ग्रहण’, अब लोकसभा चुनाव के बाद होने के आसार
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पांच नगर निकायों के चुनाव पर ‘ग्रहण’ लग गया है। फरवरी के पहले सप्ताह की जगह अब लोकसभा चुनाव के बाद होने के आसार बन रहे हैं। रुड़की नगर निगम के मामले में कानूनी पेचीदगी के बाद काफी हद तक यह तय माना जा रहा है कि चुनाव प्रक्रिया आगे खिसकेगी। फरवरी में पांच निकायों के चुनाव की सूरत कहीं से अब नजर नहीं आ रही है। दरअसल, जिस तरह की सूचनाएं आ रही हैं, उसमें फरवरी आखिरी में बजट लाए जाने की संभावना है। इसके बाद, मार्च में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने की संभावना है। ऐसे में बीच का कोई समय ऐसा नहीं बच रहा, जिसमें नगर निकाय के चुनाव कराए जा सके। हालांकि सरकार का कहना है कि वह अब भी प्रयासरत है कि पांच नगर निकायों के चुनाव जल्द से जल्द हो जाए।
नवंबर 2018 में 84 नगर निकायों के चुनाव संपन्न हो चुके हैं। नगर निगम रुड़की, नगर पालिका परिषद श्रीनगर, बाजपुर और नवगठित सेलाकुई और भतरौंजखान के चुनाव होने बाकी हैं। रुड़की नगर निगम के चुनाव 31 दिसंबर 18 तक कराने के हाईकोर्ट ने निर्देश दिए थे, हालांकि सरकार ने अपनी कुछ मजबूरियों का जिक्र करते हुए समय मांग लिया था। इस बीच, शासन ने सभी निकायों में चुनाव पूर्व की सारी औपचारिकताओं को भी तेजी से निपटाया, मगर आखिर में मामला रुड़की नगर निगम के सीमा विस्तार पर आकर फिर से लटक गया है।
यह तय है कि पांचों नगर निकाय के चुनाव जब भी होंगे एक साथ ही होंगे। रुड़की के मामले में फरवरी में सुनवाई होनी है। सरकार सीमा विस्तार की अधिसूचना पर रोक के मामले में डबल बेंच में जाने को तैयार है। ऐसे में यह तय है कि कानूनी पेचीदगी बहुत जल्द खत्म होने के आसार नहीं हैं। इन स्थितियों के बीच, विधानसभा का बजट सत्र और लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने की बात आकर फंस रही है।
कार्यकाल का फासला बढे़गा, तो बढे़ंगी दिक्कतें
नगर निकायों के कार्यकाल को लेकर जितना फासला बढे़गा, उतनी ही दिक्कतें भी बढे़ंगी। दरअसल, 84 नगर निकायों का कार्यकाल नवंबर 2018 से शुरू हो चुका है। 2023 में नवंबर से पहले ही उनके चुनाव कराने पडे़ंगे, जबकि पांच निकायों के चुनाव होने के बाद जब बोर्ड गठित होगा, तब से उनका कार्यकाल शुरू माना जाएगा।
ऐसे में दो तरह की स्थिति 2023 में सामने आएगी। एक या तो 84 नगर निकायों के चुनाव पहले और फिर पांच के बाद में कराने पडे़ंगे, या फिर एक साथ चुनाव कराने और कार्यकाल का फासला पाटने के लिए 84 नगर निकायों में प्रशासकों की नियुक्ति करनी पडे़गी।
पांच नगर निकायों में जल्द से जल्द चुनाव कराने के लिए सरकार अभी भी प्रयासरत है। 84 निकायों के चुनाव खत्म हो जाने के बाद सरकार ने इन पांच स्थानों पर चुनाव की राह में जो दिक्कतें थीं, उन्हें तेजी से दूर किया है। रुड़की के मामले में हम डबल बेंच में जाकर मार्गदर्शन चाहेंगे कि सरकार को करना क्या है।
- मदन कौशिक, नगर विकास मंत्री, उत्तराखंड।