उत्तराखंड: आगे खिसक सकते हैं निकाय चुनाव, इन नियमों का भी करना होगा पालन
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उच्च न्यायालय के आदेश के बाद निकाय चुनाव का खिसकना लगभग तय हो गया है। अधिसूचना जारी होने से लेकर सुनवाई तक कम से कम 15 दिन लगना तय है। आपत्तियों के बाद कोई गांव हटाए या जोड़े जाने पर तमाम तरह की कवायदें और करनी पड़ेंगी। इसमें दो माह लग सकते हैं।
हल्द्वानी नगर निगम में गांव को शामिल करने के लिए शासन को पहले 52 गांव के लिए अधिसूचना जारी करनी पड़ेगी। अधिसूचना जारी होने के बाद सात दिन आपत्ति आने का समय देना होगा। आपत्ति मिलने के बाद इनकी सुनवाई करनी होगी।
सुनवाई पुरी करने के बाद जिलाधिकारी को कितने गांव को शामिल करना है इसकी पूरी रिपोर्ट शासन को भेजनी होगी। रिपोर्ट के बाद शासन निगम में शामिल होने वाले गांव की अधिसूचना जारी करेगा।
इन नियमों का करना होगा पालन
इसमें कोई गांव जोड़ा या हटाया जाता है तो दोबारा जिला प्रशासन को नए सिरे से वार्डों का परिसीमन करना होगा। परिसीमन पूरा होने के बाद इन वार्डों में दोबारा ओबीसी गणना होगी। इसमें दो माह का समय लग सकता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मई के बाद ही निकाय चुनाव हो सकते हैं।
इन नियमों का करना होगा पालन-
- 75 प्रतिशत या उससे अधिक आबादी जनसंख्या कृषि से भिन्न व्यवसाय में लगी हो।
- ग्रामीण क्षेत्रों की जनसंख्या का घनत्व 250 व्यक्ति प्रति किलोमीटर हो।
- गांव राजस्व आय अर्जित करने की स्थिति में हो।
- शामिल किए जाने वाले गांव का आर्थिक महत्व हो।
- गांव में शहरी गुण विद्यमान हो।