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उत्तराखंड: बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं ने ले ली एक और प्रसूता की जान, हायर सेंटर ले जाते वक्त हुई मौत

Sun, 17 Jan 2021 09:40 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अल्मोड़ा/हल्द्वानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अल्मोड़ा/हल्द्वानी Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 17 Jan 2021 09:40 PM IST
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Uttarakhand news: Woman Dies After one Hour of Delivery due to not get Treatment in Almora Hospital
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

पहाड़ में स्वास्थ्य संसाधनों की कमी का खामियाजा एक और महिला को भुगतना पड़ा। अल्मोड़ा के जिला अस्पताल में सामान्य प्रसव होने के डेढ़ घंटे बाद प्रसूता का ब्लड प्रेशर अचानक गिरने लगा। मृतका के पति का आरोप है कि उनकी पत्नी के तबीयत बिगड़ने के दौरान वहां डॉक्टर और नर्स नहीं थे। उसे रात साढ़े नौ बजे सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी के लिए रेफर किया गया। शनिवार की देर रात लगभग डेढ़ बजे यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

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खगमरा कोट अल्मोड़ा निवासी राजेंद्र सतवाल ने बताया कि उसकी पत्नी माधवी को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल अल्मोड़ा में सुबह 10:25 बजे भर्ती कराया गया था। शनिवार की शाम लगभग साढ़े छह बजे सामान्य प्रसव हुआ। महिला ने बेटी को जन्म दिया जिसका वजन दो किलो आठ सौ ग्राम था। बच्ची को ऑक्सीजन के लिए रखा गया। रात साढ़े आठ बजे तक सब ठीक रहा। इसके बाद माधवी का ब्लड प्रेशर अचानक गिरने लगा। आरोप है कि उस समय डॉक्टर और नर्स नहीं थे।
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तबीयत ज्यादा खराब होने के बाद डॉक्टर और नर्स आए तो जरूर मगर तब तक पल्स रेट और हार्ट बीट नहीं थी। ईसीजी में कुछ संकेत मिल रहे थे। रात साढ़े नौ बजे उसे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। रात डेढ़ बजे जब एसटीएच पहुंचे तो डॉक्टरों ने प्रसूता को मृत घोषित कर दिया। सतवाल ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्वास्थ्य निदेशक या सीएमओ अल्मोड़ा समेत उच्चाधिकारियों से शिकायत करेंगे। माधवी बिष्ट हल्द्वानी के एक नर्सिंग कॉलेज में कार्यरत थीं। 

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वेंटीलेटर होता तो बच सकती थी जान

मृतका के भाई ने आरोप लगाया है कि जिस एंबुलेंस से उनकी बहन को भेजा गया था, उसमें वेंटीलेटर नहीं था। वेंटीलेटर होता तो बहन की जान बच सकती थी। एसटीएच में एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि मरीज इमरजेंसी में नहीं पहुंचा। किसी तरह का कोई रिकॉर्ड नहीं है।

सुशीला तिवारी अस्पताल के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि शनिवार देर रात करीब डेढ़ बजे मरीज माधवी को अस्पताल लाया गया था। मरीज ब्रॉड डेथ थी। अस्पताल की ओर से इसकी सूचना पुलिस को दे दी गई थी।-अरुण जोशी, एमएस सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी।

महिला का सामान्य प्रसव हुआ था। रात में करीब साढ़े आठ बजे अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसका ब्लड प्रेशर काफी कम हो गया था और पल्स भी डाउन हो गई थी। - डॉ. प्रीति पंत, प्रभारी सीएमएस (महिला अस्पताल)

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