{"_id":"5f1fc36e8ebc3e638d295ca0","slug":"uttarakhand-news-villages-get-light","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड के गांवों को मिलेगा उजाले का कवच, 7950 पंचायतों को जगमगाने की योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड के गांवों को मिलेगा उजाले का कवच, 7950 पंचायतों को जगमगाने की योजना
Tue, 28 Jul 2020 12:02 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 28 Jul 2020 12:02 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रात के अंधेरे में बाघ और भालू के हमलों के सदैव भय में जिंदगी गुजार रहे पहाड़ को सरकार उजाले का सुरक्षा कवच देने जा रही है। योजना के तहत राज्य की 7950 ग्राम पंचायतों में तीन लाख 97 हजार से अधिक एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगी।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुताबिक, यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों और मानव के बीच होने वाले संघर्ष को कम करने में मददगार होगी। गांवों में रोशनी होगी तो आबादी वाले इलाकों में जंगली जानवर नहीं आएंगे। मुख्यमंत्री मीडिया कर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि योजना पर काम शुरू हो गया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस योजना पर 50 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है। हर पंचायत में कम से कम 50 एलएडी स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगी। मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह योजना को लेकर बैठक कर चुके हैं। उनकी सहमति के बाद अब ऊर्जा विभाग पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ बैठक करेगा।
विज्ञापन
ईईएसएल लगाएगा, सरकार उठाएगी खर्च
ग्राम पंचायतों में एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य सरकार ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड (ईईएसएल) को देगी। ईईएसएल ने सरकार को योजना का प्रस्ताव दे दिया है। प्रस्ताव पर शासन मंथन कर रहा है। योजना का सारा खर्च सरकार उठाएगी।
यह बहुत अभिनव योजना है। हर गांव में हम बिजली पहुंचा चुके हैं। लेकिन शहरों और कस्बों की तुलना में गांवों में स्ट्रीट लाइट की सुविधा नहीं हैं। सरकार गांवों में स्ट्रीट लाइट पहुंचाना चाहती है। इसके लिए यह योजना तैयार की गई है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम 50 एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगी। निविदा के माध्यम से इसका क्रियान्वयन होगा। ईईएसएल को यह कार्य दिया जाना है।
- राधिका झा, सचिव ऊर्जा, उत्तराखंड शासन
विज्ञापन
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुताबिक, यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों और मानव के बीच होने वाले संघर्ष को कम करने में मददगार होगी। गांवों में रोशनी होगी तो आबादी वाले इलाकों में जंगली जानवर नहीं आएंगे। मुख्यमंत्री मीडिया कर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि योजना पर काम शुरू हो गया है।
विज्ञापन
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस योजना पर 50 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है। हर पंचायत में कम से कम 50 एलएडी स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगी। मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह योजना को लेकर बैठक कर चुके हैं। उनकी सहमति के बाद अब ऊर्जा विभाग पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ बैठक करेगा।
विज्ञापन
ईईएसएल लगाएगा, सरकार उठाएगी खर्च
ग्राम पंचायतों में एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य सरकार ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड (ईईएसएल) को देगी। ईईएसएल ने सरकार को योजना का प्रस्ताव दे दिया है। प्रस्ताव पर शासन मंथन कर रहा है। योजना का सारा खर्च सरकार उठाएगी।
यह बहुत अभिनव योजना है। हर गांव में हम बिजली पहुंचा चुके हैं। लेकिन शहरों और कस्बों की तुलना में गांवों में स्ट्रीट लाइट की सुविधा नहीं हैं। सरकार गांवों में स्ट्रीट लाइट पहुंचाना चाहती है। इसके लिए यह योजना तैयार की गई है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम 50 एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगी। निविदा के माध्यम से इसका क्रियान्वयन होगा। ईईएसएल को यह कार्य दिया जाना है।
- राधिका झा, सचिव ऊर्जा, उत्तराखंड शासन