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उत्तराखंड : स्मार्ट पुलिसिंग की ओर बढ़े कदम, पुलिस को मिलेंगी 100 स्कार्पियो, सिपाहियों को इंसास 

Tue, 15 Dec 2020 12:45 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 15 Dec 2020 12:45 PM IST
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uttarakhand news : uttarakhand police get 100 scorpio and insas rifle
- फोटो : अमर उजाला (File Photo)

पुलिस के 112 बेड़े में जल्द ही पैट्रोलिंग के लिए 100 स्कार्पियो गाड़ियों को शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही आर्म्ड फोर्स के सिपाहियों के कंधे से सदियों पुरानी राइफल को हटाकर अत्याधुनिक इंसास राइफल को शामिल किया जाएगा। स्मार्ट पुलिसिंग के तहत ऐसे ही कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को गृह सचिव नितेश कुमार झा ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।

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कई ऐसे प्रस्ताव हैं, जिनमें सरकार की आर्थिक स्थिति को देखकर निर्णय लिया जाना है। जल्द ही इन प्रस्तावों को मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा। पुलिस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में गृह सचिव नितेश कुमार झा और डीजीपी अशोक कुमार ने इसकी जानकारी दी।
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दरअसल, डीजीपी अशोक कुमार के पदभार संभालते ही स्मार्ट पुलिसिंग पर जोर दिया था। इसके तहत नौ समितियां गठित की गई थीं। इनमें ट्रैफिक, आधुनिकीकरण, पुलिस कल्याण आदि विषय अहम थे। इन समितियों के साथ डीजीपी ने पिछले दिनों बैठक कर उनके प्रस्तावों पर चर्चा की थी। समितियों ने दर्जनों प्रस्ताव दिए, जिन पर सोमवार को गृह सचिव नितेश कुमार ने शासन की ओर से सैद्धांतिक मंजूरी दे दी। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि इनमें जो शासन स्तर के प्रस्ताव थे उनमें ज्यादातर में सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। जबकि, जिनमें अधिक बजट की आवश्यकता है उनमें मुख्यमंत्री से चर्चा करने की बात की गई है। 
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डीजीपी ने बताया कि अभी तक डायल 112 के तहत काफी गाड़ियां चल रही हैं। लेकिन, वह प्रदेश की स्थिति को देखते हुए कम हैं। ऐसे में अब नई 100 स्कार्पियो गाड़ियों की मांग की गई है। ताकि, पैट्रोलिंग करने वाली टीमों को आरामदायक स्थिति का अहसास हो और उनके मनोबल को बढ़ाया जा सके। इसके साथ ही पीएसी और आईआरबी में सिपाहियों के पास अभी तक भारी भरकम थ्री नॉट थ्री राइफल होती थी। अब इनके स्थान पर अब उन्हें इंसास राइफल दी जाएगी। डीजीपी ने बताया कि सिटी पुलिस को शॉट रेंज वेपन (पिस्तौल) देने की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। 

पुलिस को इनाम देने के लिए बनेगा नया फंड 

किसी भी मामले का खुलासा करने वाली टीम को अभी डीजीपी 20 हजार रुपये तक का इनाम दे सकते हैं। लेकिन, कुछ साल पहले उत्तर प्रदेश में इसे बढ़ाकर एक लाख रुपये से भी अधिक कर दिया गया है। वहां पर इसके लिए अलग से फंड बना दिया गया है। इसी प्रस्ताव को गृह सचिव के सामने रखा गया था। इस पर गृह सचिव ने सैद्धांतिक मंजूरी मिली है। जल्द ही एक अलग से फंड बनाकर यह पुरस्कार डीजीपी की ओर से दिया जाएगा। डीजीपी ने बताया कि फंड नहीं होने से अभी तक यह इनाम केवल कागजों पर रही रहता था। 

पीएसी में भी नए वाहन आएंगे 

पीएसी में यूपी की तर्ज पर पुरानी व्यवस्था प्रचलित थी। अभी तक एक बटालियन में एक बड़ी बस और तीन ट्रक व एक छोटा ट्रक होता था। 20 साल में अब तक पीएसी के वाहनों को नहीं बदला गया था। अब नए वाहनों के तौर पर हर बटालियन में तीन मिनी ट्रक और तीन मिनी बसों को शामिल किया जाएगा। ताकि, पीएसी की मोबिलिटी को बढ़ाया जा सके।

मदद करने वालों को पुरस्कृत करेंगे डीजीपी 

सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की मदद करने वालों को पुलिस का डर रहता था। लेकिन, पुलिस मुख्यालय की ओर से इस डर को खत्म करने की योजना बनाई गई है। अब डीजीपी सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की मदद करने वालों को पुरस्कृत कर सकेंगे। इसके लिए भी एक नया फंड बनाने के लिए गृह विभाग से सैद्धांतिक मंजूरी मिली है। 

टूरिस्ट पुलिस बनेगी और अधिक हाईटेक 

टूरिस्ट पुलिस को और अधिक हाईटेक बनाया जाएगा। ताकि, पर्यटकों को अधिक से अधिक मदद पहुंचाई जा सके। इसके लिए उन्हें नई एप से जोड़ा जाएगा। टूरिस्ट पुलिस को भी आधुनिक बनाने के प्रयास किए जाएंगे।

पीएसी की वर्दी होगी अपग्रेड 

पीएसी की वर्दी को अपग्रेड किया जाएगा। डीजीपी ने बताया कि अभी तक पीएसी सामान्य वर्दी पहनकर मैदान में आती थी। लेकिन, जल्द ही सीआरपीएफ और अन्य पैरामिलिट्री फोर्स की तहर कॉम्बैट वर्दी बनाई जाएगी। यह वर्दी खाकी रंग की होगी।
 

इन प्रस्तावों को भी मिली सैद्धांतिक मंजूरी

- स्थायी पुलिस मुख्यालय के लिए रिंग रोड और रायपुर में जमीन तलाशी जा रही है। ढाई से तीन एकड़ जमीन के लिए जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी। 
- बीट बुक ऑनलाइन मेंटेंन की जाएगी। इसके लिए सिपाहियों को अलग से डायरी रखने की आवश्यकता नहीं होगी। 
- ट्रैफिक आई एप को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इसमें ड्रग्स व अन्य किसी अपराध की जानकारी भी अपलोड की जा सकती है। 
- प्रोन्नति की सभी अड़चनें समाप्त हो गई हैं। मार्च से नई भर्तियों के लिए आवेदन निकाले जाएंगे। 
- फायरमैन की भर्तियों में महिलाओं को मौका मिलेगा। अभी तक फायरमैन केवल पुरुष होते थे। 
- लॉकडाउन में ई-समन व्यवस्था लागू की गई थी। इसे आगे भी जारी रखा जाएगा। 
- गैरसैंण में नई आईआरबी बटालियन को स्थापित किया जाएगा। 17 साल से कोई बटालियन गठित नहीं हुई है। 
- उत्तराखंड के बॉर्डर पर 11 नए चेकपोस्ट बनाए जाएंगे। ताकि, प्रदेश की सुरक्षा को और अधिक पुख्ता किया जा सके। 

अगले दो सालों में बड़ा बदलाव दिखेगा पुलिस में : गृह सचिव

गृह सचिव नितेश कुमार झा ने कहा कि अगले दो सालों में उत्तराखंड पुलिस में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्मार्ट पुलिस के सपने को उत्तराखंड पुलिस जल्द ही साकार करने वाली है। इसके लिए पुलिस को तकनीकी स्तर पर भी मजबूत बनाया जा रहा है। साथ ही पुलिस को काम करने के साथ-साथ आरामदायक स्थिति में लाना भी बड़ी बात है। इन सबके अलावा महिलाओं का प्रतिनिधित्व भी पुलिस में बढ़ाना है। इस पर पूरा काम किया जा रहा है। वर्तमान में साइबर अपराध और अपराध के अन्य तरीकों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस को और अधिक मजबूत स्थिति में लाने का सरकार का लक्ष्य है।

मार्च तक होगी 1700 से 1800 सिपाहियों की भर्ती

डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि मार्च 2021 में बड़े स्तर पर सिपाहियों की भर्ती की जानी है। इनमें 1700 से 1800 पदों के लिए भर्ती होगी। साथ ही 50 से 80 पद सब इंस्पेक्टर के हैं। इन पर मार्च तक भर्ती की जानी हैं। प्रमोशन संबंधी सभी अड़चनों को लगभग समाप्त किया जा चुका है।

पहाड़ पर घटेगी तैनाती अवधि

पहाड़ों पर हर स्तर पर तैनाती अवधि को घटाया जाएगा। इस की तैयारियां लगभग पूरी की जा चुकी हैं। इनमें सिपाहियों को 16 की जगह आठ वर्ष, हेड कांस्टेबल 12 की जगह छह वर्ष और सब इंस्पेक्टर से ऊपर के कर्मचारियों के लिए यह सीमा आठ की जगह चार साल की जाएगी। ताकि, सभी में सेवा की भावना बनी रहे।

राजस्व पुलिस पर बनी समिति

प्रदेश में राजस्व पुलिस व्यवस्था को खत्म करने का मामला सर्वोच्च अदालत में चल रहा है। इसमें जवाब दाखिल करने और रिपोर्ट तैयार करने के लिए एक समिति गठित की गई है। इनमें पूर्व अधिकारी मधूकर गुप्ता, इंदू पांडे और पूर्व डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी शामिल हैं।

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