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उत्तराखंडः 20 साल बाद बदलेगा यूपीसीएल का ढांचा, होंगी नई भर्तियां
Mon, 12 Jul 2021 01:12 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 12 Jul 2021 01:12 PM IST
सार
साल दर साल उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर अब 26 लाख पर पहुंच चुकी है, लेकिन यूपीसीएल में अभी भी कर्मचारियों के स्वीकृत पद उतने ही हैं।
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विस्तार
उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) का ढांचा 20 साल बाद बदलने जा रहा है। यहां आज भी वही ढांचा चल रहा है, जिसकी क्षमता आठ लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति करने की है।
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दरअसल, यूपीसीएल में करीब 20 साल पहले कर्मचारियों का ढांचा तय हुआ था।
उस वक्त यूपीसीएल के उपभोक्ताओं की संख्या करीब आठ लाख थी। साल दर साल उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर अब 26 लाख पर पहुंच चुकी है, लेकिन यूपीसीएल में अभी भी कर्मचारियों के स्वीकृत पद उतने ही हैं। इस वजह से कर्मचारियों पर अतिरिक्त भार है।
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वहीं, आउटसोर्सिंग को बढ़ावा मिल रहा है। कर्मचारियों की परफॉर्मेंस प्रभावित हो रही है। लिहाजा, ऊर्जा मंत्री हरक सिंह रावत ने निर्देश दिए हैं कि यूपीसीएल के ढांचे का पुनर्गठन किया जाएगा। यहां अब जितने पदों की आवश्यकता है, उस हिसाब से प्रस्ताव वित्त और फिर शासन से होता हुआ कैबिनेट तक जाएगा।
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कैबिनेट में मुहर लगने के बाद जल्द ही भर्तियां भी की जाएंगी। ऊर्जा मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि इस संबंध में प्रस्ताव तैर हो रहा है। उनका मकसद है कि कर्मचारी बिना दबाव बेहतर काम करें। इससे एक ओर हमारी आय बढ़ेगी तो दूसरी ओर काम का माहौल भी ठीक होगा।
चार करोड़ 81 लाख पीएफ जमा न कराने पर यूपीसीएल का खाता सीज
वहीं कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के ठेकेदारों की ओर से पीएफ बकाया जमा न कराने पर खाता सीज कर दिया है। इस खाते में अभी करीब एक करोड़ रुपये हैं। इसके बाद जो भी पैसा जमा होगा, वह सीधे ईपीएफओ के पास जाएगा।
दरअसल, लगातार ईपीएफओ की ओर से चेताने के बाद भी यूपीसीएल के स्तर से पीएफ जमा कराने के मामले में लापरवाही बरती जा रही है। तत्कालीन पीएफ कमिश्नर मनोज कुमार यादव ने देहरादून और आसपास के दफ्तरों का असेसमेंट किया था।
असेसमेंट में उन्होंने पाया कि वर्ष 2013 से 2016 के बीच यूपीसीएल के ठेकेदारों ने पीएफ का पैसा ही जमा नहीं कराया है। उन्होंने यूपीसीएल पर चार करोड़ 81 लाख रुपये बकाया पकड़ा था। शुक्रवार को नए कमिश्नर सुुजीत सागर ने इस असेसमेंट के मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद ईपीएफओ ने यूपीसीएल का खाता अटैच कर दिया है। इस खाते से यूपीसीएल कोई भी पैसा नहीं निकाल पाएगा।