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उत्तराखंड: 4000 सक्रिय वन पंचायतों के खाते में सीधे पहुंचेगी एक लाख तक की धनराशि
Fri, 09 Jul 2021 11:40 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 09 Jul 2021 11:40 PM IST
सार
शुक्रवार को वन मुख्यालय स्थित मंथन सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत ने यह बात कही।
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रुपये(प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : pixabay
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विस्तार
उत्तराखंड की पांच हजार वन पंचायतों और ईको समितियों में से सक्रिय चार हजार वन पंचायतों के खाते में एक लाख रुपये तक की धनराशि सीधे डाली जाएगी। जिससे वन संरक्षण के कार्यों और वनाग्नि पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
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बैठक में वन विकास से संबंधित योजनाओं, सेवा नियमावली, पदोन्नति में शिथिलीकरण और अन्य विषयों पर चर्चा की गई। मुख्य वन संरक्षक, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन ने बताया कि इस वर्ष पौधरोपण के तहत अब तक तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 30.35 लाख पौधों का रोपण किया जा चुका है। इसके अलावा हरेला पर्व के उपलक्ष्य में कुल 8.75 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वन मंत्री ने निर्देश दिए कि पौधरोपण के कार्यक्रम को विशेष अभियान के रूप में चलाया जाए। इस कार्य में विधायकों, मंत्रियों और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए।
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वन सेवा चयन समिति के गठन का प्रस्ताव तैयार करें अफसर
वन मुख्यालय स्थित मंथन सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ शुक्रवार को हुई समीक्षा बैठक में वन मंत्री हरक ने निर्देश दिए कि वन विभाग में वन आरक्षी, वन दरोगा, उप वन रेंजर, वन क्षेत्राधिकारी, सहायक वन संरक्षक और अन्य जो भी पद रिक्त हैं, उन पदों को विशेष अभियान चलाकर भरा जाए। जिससे कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिले व विभागीय कार्य भी प्रभावशाली ढंग से पूर्ण किए जा सकें। वन मंत्री ने वन सेवा से संबंधित अधीनस्थ पदों पर भर्ती के लिए वन सेवा चयन समिति के गठन का प्रस्ताव भी तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
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जिससे रिक्त पदों पर कर्मचारियों की नियुक्ति की जा सके। वन मंत्री ने वन विभाग के क्षेत्रीय ढांचे के पुनर्गठन से संबंधित प्रस्ताव प्रस्तुत न किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। बैठक में प्रमुख वन सरक्षंक, राजीव भरतरी, प्रमुख वन संरक्षक (वन पंचायत) ज्योत्स्ना शिथलिंग, प्रमुख वन संरक्षक विनोद सिंघल, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जेएस सुहाग, मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल सुशांत पटनायक, प्रबंध निदेशक, वन विकास निगम विनोद कुमार सिंघल, अध्यक्ष, उत्तराखंड जैव विविधता बोर्ड विजय कुमार यादव आदि मौजूद थे।
ड्यूटी पर मौत के दौरान 15 लाख रुपये के मुआवजे का प्रस्ताव
वन विभाग में फील्ड स्तर के कार्मिकों की ड्यूटी के दौरान मौत होने पर 15 लाख रुपये का भुगतान, पुलिस विभाग की तरह एक माह का अतिरिक्त वेतन, चौकियों में निवास करने वालों को आवास भत्ता, पौष्टिक आहार भत्ता आदि सुविधाओं संबंधी लंबित प्रस्तावों को पुन: प्रस्तुत करने को कहा, ताकि इन पर निर्णय करवाया जा सके। इसके अलावा वनाधिकारियों के वित्तीय अधिकारों में वृद्धि के प्रस्ताव को भी शीघ्र शासन को भेजने को कहा।
मुआवजा धनराशि का शीघ्र जारी करने के निर्देश
वन मंत्री ने मानव-वन्यजीव संघर्ष के मामलों में मुआवजे की धनराशि का भुगतान शीघ्र से करने के निर्देश दिए गए एवं इस अनुक्रम में यह भी निर्देशित किया गया कि इस कार्य में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों की चरित्र पंजिका में उसकी प्रविष्टि की जाए।