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Exclusive: घर के किसी भी कोने में छिपा हो सांप, एक झटके में पकड़ लेगी ये स्मार्ट डिवाइस

Tue, 22 Aug 2023 02:10 PM IST
अलका त्यागी विनोद मुसान, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
विनोद मुसान, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 22 Aug 2023 02:10 PM IST
सार

स्मार्ट स्नेक-ट्रैपिंग डिवाइस पर प्रधान अन्वेषक डॉ. नीलू ज्योति आहूजा के नेतृत्व में शोध छात्र हुमा नाज और राहुल चमोला और नितिन पासी की टीम काम कर रही है।

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Uttarakhand news smart Snake Tapping device Made by University of Petroleum and Energy Studies
सांप - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

विस्तार

यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज (यूपीईएस) के शोध छात्रों ने सांप पकड़ने वाला ऐसा उपकरण तैयार किया है, जो पलक झपकते ही बिना किसी को नुकसान पहुंचाए सांप को पकड़ लेगा। स्मार्ट स्नेक-ट्रैपिंग डिवाइस नामक इस परियोजना को केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने अपनी मंजूरी दी है। अब यूनिवर्सिटी की ओर से भारतीय वन्यजीव संस्थान और वन अनुसंधान संस्थान में डिवाइस के परीक्षण के लिए अनुमति मांगी गई है।

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स्मार्ट स्नेक-ट्रैपिंग डिवाइस पर प्रधान अन्वेषक डॉ. नीलू ज्योति आहूजा के नेतृत्व में शोध छात्र हुमा नाज और राहुल चमोला और नितिन पासी की टीम काम कर रही है। प्रोजेक्ट के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से यह डिवाइस तैयार की जा रही है। डॉ. नीलू ज्योति आहूजा ने बताया कि इस डिवाइस का विकास सर्पदंश से मौत के मामलों को कम करने और विषरोधी दवाओं के विकास में किया जा सकेगा।

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स्मार्ट स्नेक-ट्रैपिंग डिवाइस

विशेष तौर पर किया गया है डिजाइन

उन्होंने बताया कि इस डिवाइस में सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए विशेष तौर पर डिजाइन किया गया है। इसमें एक कृत्रिम शिकार, माइक्रोकंट्रोलर, जीएसएम मॉड्यूल के साथ कैमरा और इमेज प्रोसेसिंग एल्गोरिदम लगाया गया है जो बहुत सुरक्षित तरीके से सांपों को पकड़ समता है, जबकि अभी तक सांपों को पकड़ने के लिए पारंपरिक तरीकों के साथ स्नेक स्टीक इत्यादि का प्रयोग किया जाता है। उन्होंने बताया कि भारतीय वन्यजीव संस्थान और वन अनुसंधान संस्थान देहरादून में डिवाइस के परीक्षण के लिए उत्तराखंड वन विभाग से अनुमति मांगी गई है ताकि डिवाइस का परीक्षण पूरा किया जा सके। इस संबंध में मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डॉ. समीर सिन्हा ने बताया कि संस्थान की ओर से प्राप्त पत्र अनुमति के लिए शासन को भेज दिया है।

ऐसे मामलों में जरूरी है मंत्रालय की अनुमति

भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) के तहत किसी भी वन्यप्राणी पर शोध अनुसंधान इत्यादि के लिए राज्य सरकार की अनुमति लेना आवश्यक है। इसी क्रम में यूनिवर्सिटी की ओर से मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक के माध्यम से शासन को पत्र भेजा गया है।

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