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उत्तराखंड: चारधाम डंपिंग जोन को विकसित करने के लिए तैयार करें प्लान, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने दिए निर्देश
Sat, 14 Aug 2021 08:19 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 14 Aug 2021 08:19 PM IST
सार
सचिवालय सभागार में रोड कनेक्टिविटी से संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विकास से जुड़ी इन दो महत्वपूर्ण योजनाओं पर अधिकारियों से चर्चा की।
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कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज
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विस्तार
चारधाम परियोजना के अंतर्गत बने चिह्नित डंपिंग जोन को पर्यटकों की सुविधाओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा। डंपिंग जोन के तहत जितने स्थान चिन्हित किए गए हैं, उन सभी का उपयोग कैरावन, पार्किंग, शौचालय, रेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट्स आदि गतिविधियों के उपयोग में लाया जाएगा।
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शनिवार को यमुना कॉलोनी स्थित लोक निर्माण विभाग मुख्यालय में लोनिवि, पर्यटन एवं वन विभाग के अधिकारियों की बैठक में पर्यटन एवं लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए। महाराज ने बताया कि चारधाम परियोजना के अंतर्गत कुल 889 किमी में बने 350 डंपिंग जोन की पर्यटन की दृष्टि से खास उपयोगिता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चारधाम परियोजना के अंतर्गत बने सभी डंपिंग जोन को पर्यटकों की सुविधाओं के अनुरूप विकसित किया जाए।
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कैबिनेट मंत्री ने बताया कि चारधाम परियोजना के अंतर्गत 889 किमी के दायरे में यात्रा मार्ग पर कुल 350 डंपिंग जोन हैं। पर्यटन की दृष्टि से विकसित किए जाने के लिए 54 डंपिंग जोन, जिनका कुल क्षेत्रफल 125 बीघा है, चिन्हित किए गए हैं। मंत्री ने लोक निर्माण और वन विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि तुरंत इस पर एक्शन प्लान तैयार करें, ताकि समय पर इस योजना को मूर्त रूप दिया जा सके।
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बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव (वन) विजय कुमार यादव, अपर सचिव अतर सिंह, अपर सचिव पर्यटन वाईके पंत, प्रमुख अभियंता हरिओम शर्मा, मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल सुशांत पटनायक, मुख्य अभियंता एनएच ओमप्रकाश, ब्रिडकुल प्रबंध निदेशक सीएस नेगी और आरके उनियाल सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।
रोपवे की प्रगति को लेकर भी हुआ मंथन
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने लोनिवि एवं वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद पर्यटन एवं ब्रिडकुल के अधिकारियों के साथ भी बैठक कर निर्माणाधीन रोपवे पर चर्चा करने के साथ उनकी प्रगति के बारे में जानकारी हासिल की। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बैठक के दौरान देहरादून (पुरकुल गांव) से मसूरी (लाइब्रेरी चौक), कद्दूखाल से सुरकंडा देवी मंदिर, ठुलीगाड़ से पूर्णागिरि, जानकी चट्टी (खरसाली) से यमुनोत्री, रानी बाग से नैनीताल, गौरीकुंड से केदारनाथ, गोविंद घाट से हेमकुंड, झलपाडी से दीवाडांडा, कीर्तिखाल से भैरव गढ़ी और क्यूंकालेश्वर महादेव मंदिर तक रोपवे की प्रगति और तकनीकी पहलुओं पर भी विचार विमर्श किया।
प्रदेश में रोपवे से जुड़ेंगे सड़क विहीन गांव, पर्यटन स्थल और बुग्याल क्षेत्र
प्रदेश में अब भी तमाम गांव ऐसे हैं, जहां सड़क कनेक्टिविटी का अभाव है। यह वे गांव हैं जो पीएमजेएसवाई के मानकों को पूरा नहीं करते हैं, इसलिए आज तक सड़क मार्ग से नहीं जुड़ पाए हैं। ऐसे में इन गांवों के लिए रोपवे बनेंगे। इसके अलावा पार्किंग की समस्या से जूझ रहे पर्वतीय शहरों के लिए दिल्ली मेट्रो अंडरग्राउंड टनल की तर्ज पर टनल पार्किंग की परिकल्पना की गई है।
शुक्रवार को सचिवालय सभागार में रोड कनेक्टिविटी से संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विकास से जुड़ी इन दो महत्वपूर्ण योजनाओं पर अधिकारियों से चर्चा की। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने सड़क से वंचित गांवों तक कनेक्टिविटी के लिए लोनिवि को अलग से रोपवे डिवीजन बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा जाम की समस्याओं से जूझते पर्वतीय शहरों के लिए टनल पार्किंग की संभावनाओं को तलाशने के भी निर्देश दिए हैं।