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अमर उजाला एक्सक्लूसिव : प्रक्रिया होगी आसान, जल्द बनेंगे प्रमाणपत्र, साफ्टवेयर किया जा रहा अपडेट
Thu, 26 Nov 2020 01:03 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
अंकित कुमार गर्ग, अमर उजाला, रुड़की
अंकित कुमार गर्ग, अमर उजाला, रुड़की
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 26 Nov 2020 01:03 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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उत्तराखंड में प्रमाणपत्रों की ऑनलाइन प्रक्रिया में आरंभिक तौर पर अधिकारियों की औपचारिकताएं जल्द ही खत्म हो जाएंगी। ऑनलाइन आवेदन के साथ ही प्रमाणपत्र जांच के लिए सीधे जांच अधिकारी को फारवर्ड होंगे।
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इसके बाद उच्चाधिकारी इस पर अंतिम मुहर लगाएंगे। प्रक्रिया आसान होने से समय की बचत होगी और फरियादियों को प्रमाणपत्र जल्दी मिल सकेंगे। नेशनल इनफॉरमेशन सेंटर (एनआईसी) देहरादून की ओर से सॉफ्टवेयर को अपडेट करने का काम शुरू कर दिया गया है।
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पिछले कई वर्षों से प्रदेश की विभिन्न तहसीलों में आय, मूल, स्थायी निवास आदि के प्रमाणपत्र ऑनलाइन बनाए जा रहे हैं। रुड़की तहसील में भी सभी काम ऑनलाइन हो रहा है। अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक प्रमाणपत्रों पर ऑनलाइन रिपोर्ट लगा रहे हैं। इसके बाद ऑनलाइन प्रमाणपत्र जारी किए जाते हैं।
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अभी तक की प्रक्रिया के अनुसार, प्रमाणपत्र के लिए आवेदनकर्ता तहसील पहुंचकर निर्धारित कार्यालय में ऑनलाइन आवेदन करता है। इसके बाद कर्मचारी आय व मूल निवास प्रमाणपत्र के आवेदन तहसीलदार को और स्थायी निवास प्रमाणपत्र के आवेदन एसडीएम को भेजते हैं। इसके बाद दोनों अधिकारी जांच रिपोर्ट लगाने के लिए इन आवेदनों को राजस्व निरीक्षक के पास भेजते हैं। अधिकारियों से राजस्व निरीक्षकों तक आवेदन पहुंचने में काफी समय लग रहा था।
लिहाजा अब इस प्रक्रिया का सरलीकरण किया जा रहा है। इसके तहत आवेदन करते ही ऑनलाइन फार्म संबंधित क्षेत्र के राजस्व निरीक्षक के पास पहुंच जाएगा। जांच रिपोर्ट लगने के बाद अधिकारी अंतिम मुहर लगाएंगे और प्रमाणपत्र जारी होगा।
बताया जा रहा है कि अभी तक जहां प्रमाणपत्र जारी होने में 15 से 20 दिन का समय लग रहा था, साफ्टवेयर अपडेट होने के बाद यह प्रक्रिया दस से 15 दिन में पूरी हो जाएगी। तहसील नाजिर अनिल कुमार ने बताया कि साफ्टवेयर में अपडेशन के चलते अधिकारियों को आवेदन भेजने का विकल्प काम नहीं कर रहा है। सॉफ्टवेयर अपडेट होने के बाद प्रक्रिया और पहले से ज्यादा आसान हो जाएगी।
अधिकारियों के अवकाश पर होने से होती थी देरी
ऑनलाइन प्रक्रिया में कई बार अधिकारियों के अवकाश पर होने या फिर किसी बड़ी घटना आदि की घटनाओं के कारण बाधा उत्पन्न होती थी। हालांकि, अधिकारी मोबाइल से भी इस प्रक्रिया को पूरी कर रहे थे, लेकिन कई बार इसमें देरी होती थी। इसके चलते अधिकारी समय रहते ऑनलाइन आवेदनों को संबंधित राजस्व निरीक्षकों को नहीं भेज पाते थे। नई प्रक्रिया के बाद इस समस्या का काफी हद तक समाधान हो सकेगा।
काम के चलते 3000 प्रमाणपत्र अटके
सॉफ्टवेयर अपडेशन के चलते 11 नवंबर से तहसील में ऑनलाइन प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे हैं। इसके चलते करीब तीन हजार प्रमाण पत्र अटके हुए हैं। बताया जा रहा है कि अपडेशन के चलते सॉफ्टवेयर में आवेदन को फारवर्ड करने का विकल्प उपलब्ध नहीं है। ऐसे में अधिकारियों को आवेदन न तो फारवर्ड हो रहे हैं और न ही अधिकारी, राजस्व निरीक्षकों को जांच के लिए आवेदन भेज पा रहे हैं।
देहरादून में एनआईसी साफ्टवेयर को अपडेट कर रहा है। बताया गया है कि जल्द ही अपडेशन का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
-नमामी बंसल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, रुड़की