Uttarakhand: मानसून की दस्तक से पहले शासन स्तर पर कसरत शुरू, सभी जिलाधिकारियों को मॉक ड्रिल करने के निर्देश
सचिव रंजीत सिन्हा ने सभी जिलाधिकारियों को जिलों में अनिवार्य रूप से मॉक ड्रिल कराने के निर्देश दिए।
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उत्तराखंड में मानसून के आगमन से पहले शासन ने जिलों को अभी से तैयारियों को परखने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील जिलों को विशेष तौर पर हिदायत दी गई है। सभी जिलाधिकारी समय से पूर्व मॉक ड्रिल के माध्यम से अपनी तैयारियों को परखेंगे और रिपोर्ट शासन को देंगे।
सोमवार को सचिव आपदा प्रबंधन प्राधिकरण रंजीत सिन्हा की अध्यक्षता में सचिवालय स्थित डीएमएमसी सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुछ जिलाधिकारी प्रत्यक्ष तौर पर मौजूद रहे तो कुछ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराई।
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सचिव रंजीत सिन्हा ने सभी जिलाधिकारियों को जिलों में अनिवार्य रूप से मॉक ड्रिल कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग आपदा की स्थिति में जिलों से संपर्क बनाए रखने के लिए अपने एक वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित कर लें, जो समय से जिलों की समस्याओं को उचित स्तर पर पहुंचाने का कार्य करे।
सचिव सिन्हा ने कहा कि सभी जिले अपने संसाधनों, जिसमें भोजन, पानी, मेडिसन आदि के भंडारण पर ध्यान दें और अति संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर लें। मार्गों पर आपदा से संबंधित अधिकारियों के संपर्क सूत्र एवं डिटेल वाले होर्डिंग स्थापित करने से आपदा की स्थिति में आमजन को काफी सुविधा होगी। उपलब्ध सेटेलाइट फोन, वायरलेस सेट आदि को चेक कर लें एवं सभी को चालू अवस्था में रखा जाए।
इस दौरान आपदा की स्थिति में बनाए जाने वाले स्टेजिंग एरिया, जॉइंट कंट्रोल रूम, शेल्टर, दूर संचार, मीडिया मैनेजमेंट, क्रॉउड मैनेजमेंट आदि बिंदुओं पर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से चर्चा की गई। जिलाधिकारियों व राज्य स्तर पर उपस्थित अधिकारियों को तत्परता एवं योजनाबद्ध तरीके से आपदा की स्थिति से निपटने के लिए निर्देशित किया गया।
उन्होंने कहा कि इस दौरान जिलों और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बीच लगातार संचार और समन्वय बना रहना चाहिए। बैठक में आईजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल, अपर सचिव आपदा प्रबंधन सविन बंसल और राज्य स्तर के समस्त लाइन विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।