काम की खबर: अब रेलवे में भी पार्सल की ट्रैकिंग कर सकेंगे व्यापारी और यात्री, लागू किया जा रहा सिस्टम
कोरियर कंपनियों की तर्ज पर देहरादून, रुड़की हरिद्वार समेत मंडल के नौ प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर पार्सल मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जा रहा है।
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रेलवे पार्सल के जरिये सामान भेजने वाले कारोबारियों और यात्रियों के लिए यह खबर राहत देने वाली है। कारोबारियों और यात्रियों को अब अपने पार्सल किए गए सामानों की निगरानी के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों पर नहीं आश्रित होना पड़ेगा बल्कि उन्हें पार्सल मैनेजमेंट सिस्टम के जरिये सामान की ट्रैकिंग करने के साथ ही लोडिंग, अनलोडिंग के बारे में जानकारी मिल सकेगी। पार्सल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएमएस) लागू होने के बाद कारोबारी, यात्री मोबाइल फोन के जरिये जानकारी हासिल कर सकेंगे कि उनका सामान, पार्सल फिलहाल कहां है?
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुधीर सिंह ने बताया कि रेलवे में आधुनिकीकरण के तहत पार्सल मैनेजमेंट सिस्टम भी लागू किया जा रहा है। इसके जरिये सामान बुक कराने पर कारोबारियों, यात्रियों को रसीद पर बार कोड मिलेगा, जिसके जरिये कारोबारी और यात्री पार्सल कराए गए अपने सामानों की ट्रैकिंग कर सकेंगे। फिलहाल पहले चरण में पार्सल मैनेजमेंट सिस्टम देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, नजीबाबाद, लक्सर, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, बरेली, जैसे बड़े नौ रेलवे स्टेशनों पर लागू किया जा रहा है। अगले चरण में अन्य रेलवे स्टेशनों पर लागू किया जाएगा।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुधीर सिंह के मुताबिक पीएमएस व्यवस्था लागू होने के बाद स्टेशनों पर कंप्यूटराइज मशीन के जरिए सामानों को तौला जाएगा। भाड़े की दरें निर्धारित करने के बाद सामान पर बार कोड लगा दिया जाएगा। ट्रेन में लोडिंग के समय स्कैनिंग कॉपी गार्ड के पास रहेगी ताकि पार्सल किए गए सामानों को गंतव्य रेलवे स्टेशन पर उतारा जा सके।
कारोबारियों को अपने सामानों की जानकारी के लिए स्टेशनों का बार बार चक्कर नहीं लगाना होगा। पार्सल मैनेजमेंट सिस्टम रेलवे बोर्ड की ओर से देश के तमाम बड़े रेलवे स्टेशनों पर लाभ लगाया जा रहा है और इस व्यवस्था के लागू होने के बाद जहां पार्सल के जरिए भेजे वाले जाने वाले सामानों को गंतव्य तक पहुंचाने में सहूलियतें होंगी वरन विभागीय कार्यों में और अधिक पारदर्शिता भी आएगी।