Uttarakhand: काम की खबर...लंबी प्रक्रिया नहीं बनेगी बाधा, अब 24 घंटे में पास हो जाएगा घर का नक्शा
अभी तक घर का नक्शा पास कराने के लिए लंबी प्रक्रिया होती थी। इसमें आपत्तियों के आने के बाद तो यह काम और बोझिल हो जाता था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आपके सपनों के आशियाने में अब नक्शा पास कराने की लंबी प्रक्रिया अब बाधा नहीं बनेगी। महज 24 घंटे के भीतर आपके घर का नक्शा पास हो जाएगा। आवास विभाग की सरलीकरण प्रक्रिया के तहत सभी प्राधिकरणों में एप्रूव्ड लेआउट पर घर का नक्शा पास कराने की स्वप्रमाणन सुविधा शुरू कर दी गई है। मंगलवार को शहरी विकास एवं आवास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने पहला पास नक्शा अपने हाथों से महिला को भेंट किया।
Uttarakhand: मारपीट मामले में सीएम ने मंत्री अग्रवाल को किया तलब, डीजीपी को दिए जांच के आदेश
अभी तक घर का नक्शा पास कराने के लिए लंबी प्रक्रिया होती थी। इसमें आपत्तियों के आने के बाद तो यह काम और बोझिल हो जाता था। पिछले दिनों कैबिनेट बैठक में स्वप्रमाणन प्रणाली से नक्शा पास कराने पर मुहर लगी थी। मंगलवार से आवास विभाग ने सभी प्राधिकरणों में यह प्रक्रिया शुरू कर दी। इसके तहत 24 घंटे के भीतर घर का नक्शा पास हो सकेगा। यह नक्शा केवल उन्हीं जगहों पर पास करा सकते हैं, जहां उस जमीन का लेआउट प्राधिकरण से एप्रूव होगा।
तीन दिन के भीतर पास हुआ पहला नक्शा
डालनवाला निवासी महिला मुक्ता जोशी ने अपनी आर्किटेक्ट स्वदेश सिंह के माध्यम से स्वप्रमाणन प्रणाली में नक्शे के लिए आवेदन किया था। चूंकि आर्किटेक्ट का डिजिटल हस्ताक्षर बनने में वक्त लगा। इसके बावजूद तीन दिन के भीतर उनका नक्शा पास हो गया। मंगलवार को विधानसभा में शहरी आवास एवं विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने यह नक्शा मुक्ता जोशी के सुपुर्द किया।
मंत्री अग्रवाल ने बताया कि इस नक्शे के लिए संबंधित दस्तावेज के साथ ही ऑनलाइन शुल्क के तौर पर 44,956 रुपये शुल्क जमा हुआ है। पूरी प्रक्रिया में प्राधिकरण के किसी भी कर्मचारी से कोई संपर्क करने की जरूरत नहीं पड़ी। बिना प्राधिकरण से बातचीत ऑनलाइन नक्शा जारी हो गया। इस मौके पर अपर आवास आयुक्त प्रकाश चंद्र दुम्का, एमडीडीए के अधिशासी अभियंता आनंद राम, प्रशांत पोखरियाल उपस्थित रहे।
प्राधिकरण निर्माण का निरीक्षण करेगा
स्वप्रमाणन प्रणाली से नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में तो प्राधिकरण का सीधे हस्तक्षेप खत्म हो गया है, लेकिन पास नक्शे के हिसाब से निर्माण हो रहा है या नहीं, प्राधिकरण उसका निरीक्षण करेगा। लिहाजा, जो भी नक्शा पास होगा, उसके निर्माण में नक्शे का ध्यान रखना अनिवार्य होगा।
एप के माध्यम से करें आवेदन
स्वप्रमाणन प्रणाली के तहत eASE-App के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन होगा। यहां आर्किटेक्ट को नक्शे के साथ ही एक शपथ पत्र भी अपलोड करना होगा। इसी एप के माध्यम से नक्शा मिलेगा।