उत्तराखंड: अब सीसीटीवी की निगरानी में रहेगा गोमुख, प्रतिबंधित दायरे में लगाए जाएंगे कैमरे
वर्ष 2008 में नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश के बाद मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक ने आदेश जारी कर गोमुख क्षेत्र में प्रतिदिन 150 तीर्थयात्रियों, पर्यटकों के प्रवेश की अनुमति तय करते हुए परमिट लेना अनिवार्य कर दिया था। साथ ही गोमुख के 500 मीटर दायरे में तीर्थयात्रियों व पर्यटकों के प्रवेश को भी प्रतिबंधित कर दिया था, जिसके बाद से गंगोत्री पार्क प्रशासन अपने कर्मचारियों की मदद से पर्यटकों पर नजर रखी।
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अब भागीरथी नदी का उद्गम स्थल गोमुख सीसीटीवी की निगरानी में रहेगा। यहां विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पर्यटकों की निगरानी सरल नहीं है। ऐसे में गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन ने अब गोमुख के 500 मीटर प्रतिबंधित दायरे में सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बनाई है। प्रतिबंधित दायरे में जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पर्यटकों की निगरानी चुनौती पूर्ण
वर्ष 2008 में नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश के बाद मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक ने आदेश जारी कर गोमुख क्षेत्र में प्रतिदिन 150 तीर्थयात्रियों, पर्यटकों के प्रवेश की अनुमति तय करते हुए परमिट लेना अनिवार्य कर दिया था। साथ ही गोमुख के 500 मीटर दायरे में तीर्थयात्रियों व पर्यटकों के प्रवेश को भी प्रतिबंधित कर दिया था, जिसके बाद से गंगोत्री पार्क प्रशासन अपने कर्मचारियों की मदद से पर्यटकों पर नजर रखी। लेकिन यहां विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पर्यटकों की निगरानी चुनौती पूर्ण रहती है।
पार्क प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी कैमरे लगने से यहां तीर्थयात्री व पर्यटक प्रवेश द्वार और अंतिम सीमा तक निगरानी में रहेंगे। उन्होंने बताया कि कनखु बैरियर में हालांकि पूर्व में चार कैमरे लगाए गए थे, लेकिन उनकी रिकार्डिंग लंबे समय तक नहीं रहने से दिक्कत आ रही थी। ऐसे में अब क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनका कंट्रोल सेंटर कोटबंगला उत्तरकाशी में बनाया जाएगा। यदि कोई तीर्थयात्री नियम का उल्लंघन कर गोमुख के प्रतिबंधित क्षेत्र में जाएगा, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कुल कितने कैमरे लगाए जाएंगे, ये तकनीकी विशेषज्ञ ही बताएंगे।
व्यू-प्वाइंट बनेगा, दूरबीन से होंगे दर्शन
गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन की योजना में गोमुख से 500 मीटर पहले व्यू-प्वाइंट का निर्माण भी शामिल है। इस व्यू-प्वाइंट में तीर्थयात्री व पर्यटकों के लिए दूरबीन लगाई जाएगी, जिससे गोमुख को करीब से निहारा जा सकेगा। साथ ही फोटो और वीडियोग्राफी करने के लिए भी स्थान तय रहेगा।
सौर ऊर्जा से चलने वाले सीसीटीवी कैमरे लगेंगे
गंगोत्री नेशनल पार्क के उप निदेशक आरएन पांडेय ने बताया कि गोमुुख क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों व तीर्थयात्रियों की निगरानी के लिए सौर ऊर्जा से चलने वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पर्यावरण के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण यहां सौर ऊर्जा से चलने वाले कैमरे लगाए जाएंगे।
यह एक महत्वपूर्ण योजना है। जो मंजूर होती है तो इससे गंगोत्री ग्लेशियर के संरक्षण के लिए प्रभावी नियमों के अनुपालन में मदद मिलेगी। सीसीटीवी कैमरेे लगने से पर्यटकों की निगरानी सरल हो जाएगी। मैन पावर भी घटेगी। -आरएन पांडेय, उप निदेशक गंगोत्री नेशनल पार्क उत्तरकाशी।