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अमर उजाला विशेष : उत्तराखंड में चुनावी साल में भी कृषि योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए बजट नहीं
Thu, 24 Jun 2021 02:41 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
भूपेंद्र राणा, अमर उजाला, देहरादून
भूपेंद्र राणा, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 24 Jun 2021 02:41 PM IST
सार
मशरूम विकास, मधुग्राम योजना, राज्य कृषि विकास योजनाओं के लिए बजट नहीं मिला है। अब अनूपूरक बजट में इन योजनाओं के लिए बजट की व्यवस्था करने की कवायद चल रही है।
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योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए बजट नहीं मिल रहा
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विस्तार
प्रदेश में किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कृषि और बागवानी की योजनाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन इन योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए बजट नहीं मिल रहा है।
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चुनावी साल में भी योजनाएं बजट के लिए तरस गई हैं और धरातल पर नहीं उतर पा रही हैं। मशरूम विकास, मधुग्राम योजना, राज्य कृषि विकास योजनाओं के लिए बजट नहीं मिला है। अब अनूपूरक बजट में इन योजनाओं के लिए बजट की व्यवस्था करने की कवायद चल रही है।
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सरकार ने रोजगार और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री मशरूम विकास, प्रत्येक जिले में न्याय पंचायत स्तर पर मधुग्राम योजना, मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना बनाई है। मधुग्राम के लिए हर जिले में एक न्याय पंचायत का चयन किया गया है। एक मधु ग्राम में पांच सौ किसानों को शहद उत्पादन के लिए मौन गृह व मौन वंश पर 80 प्रतिशत सब्सिडी देने की व्यवस्था है। वहीं, मशरूम विकास योजना में 20 हजार किसानों को मशरूम उत्पादन से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए इन योजनाओं को बजट में धनराशि की व्यवस्था नहीं हुई है, जिससे योजनाएं सिरे नहीं चढ़ी हैं। जबकि सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है।
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कृषि व बागवानी विकास योजनाएं लटकीं
मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना के तहत विभाग को बजट नहीं मिला है। जिससे योजना के माध्यम से होने वाले कृषि व बागवानी विकास योजनाएं लटकी हैं। सरकार की ओर से बजट मिलने के बाद ही इस योजना के माध्यम से टिहरी के गजा में माली प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा।
25 प्रतिशत अनुदान के लिए नहीं मिली अनुमति
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के प्रदेश में 1591 प्रोसेसिंग उद्योग लगाए जाने हैं। जिसमें केंद्र सरकार की ओर से 35 प्रतिशत (अधिकतम 10 लाख रुपये) का अनुदान दिया जाएगा। प्रदेश सरकार की तरफ से 25 प्रतिशत अधिकतम सात लाख तक अनुदान देने का प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन इसे वित्त विभाग ने अनुमति नहीं दी है।
कोविड महामारी व बजट के अभाव के कारण कई योजनाओं पर तेजी से काम नहीं हो पाया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि योजनाओं के लिए अनूपूरक बजट जारी किया जाए। जिससे योजनाओं को धरातल पर उतारा जा सके। मशरूम विकास योजना को अब राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम के माध्यम से किया जाएगा।
-सुबोध उनियाल, कृषि एवं उद्यान मंत्री