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उत्तराखंड : विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों के लिए केंद्र से आया धन नहीं हुआ खर्च, मांगा समय
Wed, 06 Jan 2021 03:22 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
बिशन सिंह बोरा , अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा , अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 06 Jan 2021 03:22 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : pixabay
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प्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में सुविधाओं की कमी है। लेकिन दूसरी ओर हकीकत यह है कि राष्ट्रीय उच्चतर माध्यमिक शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत उत्तराखंड को केंद्र से मिली धनराशि तय समय पर खर्च नहीं हो पा रही है। इससे केंद्र से स्वीकृत धनराशि की अगली किस्त नहीं मिल पा रही है। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डा. धन सिंह रावत के मुताबिक रूसा के तहत फेज एक और दो के काम को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार से मार्च 2022 तक के लिए समय मांगा गया है।
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प्रदेश में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत निर्माण, कंप्यूटर, मॉडल कालेज, जरूरी सुविधाएं जुटाए जाने सहित कई काम होने थे। इसके लिए फेज एक में 161 करोड़ से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई थी। इससे राजकीय महाविद्यालय रामनगर, मानिला, गोपेश्वर, नारायणबगड़ और उत्तरकाशी को मॉडल कालेज बनाए जाने के साथ ही दून विश्वविद्यालय में नव निर्माण, चार मंजिल भवन, लिफ्ट, लैब बनाए जाने का काम होना था।
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जबकि श्रीदेवसुमन विश्वविद्यालय, कुमाऊं विश्वविद्यालय और संस्कृत विश्वविद्यालय में भी सुविधाएं जुटाए जाने सहित तमाम काम होने थे। सभी महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में मार्च 2021 तक फेज दो के काम पूरे होने थे, लेकिन तय समय पर काम पूरे नहीं हो पा रहे हैं। जिसे देखते हुए इन कार्यों के लिए केंद्र सरकार से एक साल का अतिरिक्त समय मांगा गया है।
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यह है स्थिति
रूसा के तहत वर्ष 2015 से पहले फेज का काम चल रहा है। पहले और दूसरे फेज के लिए 298 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। योजना के तहत स्वीकृत धनराशि का 90 फीसदी केंद्र एवं दस फीसदी राज्य सरकार देती है। स्वीकृत धनराशि में से 190 करोड़ रिलीज हुए जो अभी खर्च नहीं हो पाए हैं।
कोरोना काल के चलते प्रभावित हुआ काम
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोनोना की वजह से इस साल काम प्रभावित रहा। अब महाविद्यालय खुल रहे हैं, लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फ गिरने लगी है। ऐसे में निर्माण संबंधी काम नहीं हो पाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि रुसा के तहत काम को लेकर उत्तराखंड की स्थिति अन्य राज्यों से बेहतर है।
रूसा के तहत काम के लिए केंद्र सरकार से एक साल का अतिरिक्त समय मांगा गया है। 2022 तक फेज एक और दो के तहत सभी कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा।
-डा.धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री