उत्तराखंड : टीका लगवाया कोविशील्ड का और प्रमाणपत्र में दर्ज किया कोवाक्सीन
मोबाइल टीम ने 15 जून को वार्ड नंबर 32 के पार्षद माजिद चौधरी के आवास पर टीकाकरण किया। यहां कुल 30 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। टीका लगाते समय लोगों को वैक्सीन के बारे में सही जानकारी नहीं दी गई।
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कोरोना टीकाकरण के प्रमाणपत्रों में बड़ी गड़बड़ियां सामने आईं हैं। प्रमाणपत्रों में सही विवरण अंकित न होने से लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाने में दिक्कतें आ सकती हैं। कई ऐसे मामले उजागर हुए हैं, जिनमें आधार कार्ड के नंबर बदल दिए गए हैं। कई लोगों के प्रमाणपत्र अनजान नंबरों से भेजे जा रहे हैं।
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टीकाकरण प्रमाणपत्रों में धांधली की बानगी कटोराताल तूफैलबाग में देखने को मिली। यहां मोबाइल टीम ने 15 जून को वार्ड नंबर 32 के पार्षद माजिद चौधरी के आवास पर टीकाकरण किया। यहां कुल 30 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। टीका लगाते समय लोगों को वैक्सीन के बारे में सही जानकारी नहीं दी गई। इस कारण उन्हें इस बात की जानकारी नहीं लग सकी कि उन्हें लगाई गई वैक्सीन किस कंपनी की है।
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कॉलोनी के ही साजिद नदीम और उनकी पत्नी जेबा साजिद ने भी इसी टीम से टीका लगवाया। साजिद का कहना है कि टीकाकरण के समय उन्हें कोविशील्ड वैक्सीन लगाए जाने की जानकारी दी गई थी। अब प्रमाणपत्र में उन्हें कोवाक्सीन लगाए जाने की जानकारी दी गई।
यही नहीं, यह प्रमाणपत्र उनके मोबाइल नंबर पर न भेजकर उनकी पत्नी के नंबर पर भेजा गया है। इसमें सबसे बड़ी गलती यह है कि उनके टीकाकरण प्रमाणपत्र पर उनकी पत्नी जेबा साजिद का आधार नंबर लिखा गया है। ऐसे में वह किस तरह दूसरी डोज लगा सकते हैं।
आधार कार्ड को लेकर इसमें स्थिति स्पष्ट नहीं
साजिद की पत्नी के ही मोबाइल पर किसी सलाहउद्दीन नाम के व्यक्ति का टीकाकरण प्रमाणपत्र भेजा गया है। सात जून को भेजे गए इस मैसेज में सलाहउद्दीन के वैक्सीनेशन के लिए ड्यू डेट चार जून होने की सूचना दी गई है। सलाहउद्दीन के बारे में कोई जानकारी न होने के चलते आखिर यह मैसेज कैसे सलाहउद्दीन तक पहुंच पाएगा।
इसी तरह तूफैलबाग निवासी मो. यासीन (कोयले वाले) के मोबाइल पर किसी दया रानी के वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट भेजा गया है। सर्टिफिकेट पर टीकाकरण कराने वाले का पता और मोबाइल नंबर दर्ज नहीं होने के कारण संबंधित व्यक्ति तक सूचना नहीं पहुंचाई जा सकती।
आरोग्य सेतु के ट्विटर हैंडल पर दी गई जानकारी के अनुसार वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट में नाम, जन्म वर्ष और जेंडर को लेकर हुईं गलतियों में से सिर्फ एक बार में अधिकतम दो ही करेक्शन हो पाएंगे, लेकिन आधार कार्ड को लेकर इसमें स्थिति स्पष्ट नहीं है। सर्टिफिकेट में गलत डाटा फीड कर कर्मचारी सरकार के टीकाकरण अभियान को पलीता लगा रहे हैं।
वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट में गलत विवरण अंकित करना बेहद गंभीर मामला है। अभी तक मुझे किसी की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर वैक्सीनेशन सेंटर के प्रभारी से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
- डॉ. पीके सिन्हा, सीएमएस, सरकारी अस्पताल काशीपुर