देहरादून: शहीद राजेंद्र सिंह नेगी का पार्थिव शरीर हरिद्वार में पंचतत्व में विलीन
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शहीद हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी का पार्थिव शरीर आज सुबह उनके देहरादून आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। इस दौरान शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए खासी भीड़ जमा हो गई।
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शहीद हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी का पार्थिव शरीर बुधवार देर शाम दून लाया गया। श्रीनगर से विशेष विमान से पार्थिव शरीर को जौलीग्रांट लाया गया। इसके बाद सेना के वाहन से मिलिट्री अस्पताल ले जाया गया। जहां से आज सुबह पार्थिव शरीर को शहीद के अंबीवाला स्थित घर पर लाया गया।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, देहरादून जिलाधिकारी, सेना के अधिकारियों के साथ ही विधायक और स्थानीय लोगों ने राजेंद्र सिंह नेगी की शहादत को नमन किया। इसके बाद पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए हरिद्वार ले जाया गया। पूरे सैन्य सम्मान के साथ गंगा घाट पर शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। पिता रतन सिंह ने शहीद को मुखाग्रि दी।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार शहीद के परिजनों की हर संभव मदद करेगी। राज्य सरकार शहीद की पत्नी को उनकी योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी देगी।
आठ जनवरी से थे लापता
हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी सेना की 11 गढ़वाल राइफल्स में तैनात थे। वह बारामुला के गुलमर्ग इलाके में तैनात थे। आठ जनवरी को ड्यूटी के दौरान एवलांच आने से वह फिसलकर पाकिस्तान की सीमा की तरफ गिर गए थे।
सेना ने काफी दिनों तक रेस्क्यू किया, लेकिन उनका पता नहीं चल पाया था। जिसके बाद 21 मई को सेना ने उन्हें बैटल कैजुल्टी मानते हुए शहीद घोषित कर दिया था। आठ माह बाद 15 अगस्त को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उनका शव बरामद किया था। तब से सेना के श्रीनगर स्थित बेस अस्पताल में रखा गया था।
बुधवार शाम सवा पांच बजे उनके पार्थिव शरीर को एयरफोर्स के विशेष विमान से श्रीनगर से लाया गया। विमान रात करीब पौने आठ बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचा। जहां शहीद के पिता रतन सिंह नेगी, भाई कुंदन सिंह नेगी और दिनेश नेगी भी मौजूद रहे। इसके बाद पार्थिव शरीर को सेना के वाहन से गढ़ी कैंट स्थित मिलिट्री अस्पताल ले जाया गया।