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उत्तराखंड: एमटेक-बीटेक डिग्रीधारक युवा संभालेंगे वन्यजीवों और जंगलातों के संरक्षण की जिम्मेदारी
Thu, 25 Nov 2021 12:11 AM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 25 Nov 2021 12:11 AM IST
सार
एमटेक, बीटे,क एमबीए और एमकॉम की डिग्री धारकों में वन्यजीवों व जंगलातों के संरक्षण को लेकर जबरदस्त जज्बा भी दिखाई दे रहा है।
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युवा
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
इसे वन्यजीवों के साथ ही जंगलातों के संरक्षण का जज्बा कहें या बेरोजगारी का असर! वन विभाग में तमाम ऐसे भी वन आरक्षी सेवाएं देने के लिए आगे आ रहे हैं जो ना सिर्फ एमटेक, बीटेक, एमबीए और एमकॉम की डिग्री धारक हैं, वरन उनमें वन्यजीवों व जंगलातों के संरक्षण को लेकर जबरदस्त जज्बा भी दिखाई दे रहा है। वन विभाग में ऐसे ही 17 वन आरक्षियों ने बुधवार को देहरादून वन प्रभाग में अपनी ड्यूटी ज्वाइन की।
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इस मौके पर मुख्य वन संरक्षक (गढ़वाल) सुशांत पटनायक ने विभाग में बतौर वन आरक्षी ड्यूटी ज्वाइन करने वाले युवाओं को उनकी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों के बारे में अवगत कराया। मुख्य वन संरक्षक सुशांत पटनायक ने कहा कि वन आरक्षी विभाग की मूलभूत कड़ी हैं और उनके ऊपर वन, पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारी होती है। इसके साथ ही मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक सुशांत पटनायक ने वन आरक्षियो के अभिलेखो को भी जांचा परखा। मुख्य वन संरक्षक सुशांत पटनायक के साथ तमाम अधिकारी उस समय चकित रह गए जब कई वन आरक्षियों ने बताया कि वे एमटेक, बीटेक, एमबीए और एमकाम डिग्री धारक हैं।
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इस मौके पर उपस्थित वन संरक्षक (शिवालिक वृत्त) अखिलेश तिवारी ने कहा कि वन आरक्षियों का वन्यजीवों व जंगलों के संरक्षण में अहम योगदान होता है। वन आरक्षी ही वन्यजीवों व जंगलों के साथ अपना ज्यादा वक्त गुजारते हैं। प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान ने बताया कि नवनियुक्त वन आरक्षियों के लिए प्रभागीय स्तर पर प्रोग्राम चलाया जा रहा है ताकि वह रेंजों में जाने से पहले विभाग के बारे में पूरी तरह जागरूक हो।
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मुख्य वन संरक्षक सुशांत पटनायक और वन संरक्षक अखिलेश तिवारी के साथ वार्ता के दौरान सभी वन आरक्षियों ने कहा कि वे तकनीकी और प्रबंधन की डिग्री होने के बावजूद वन्यजीवों व जंगलों के संरक्षण का जज्बा था।। लिहाजा वे वन आरक्षी के तौर पर सेवा देने को आगे आएं है। सभी वन आरक्षियों ने आश्वासन दिया कि वे पर्यावरण संरक्षण के साथ ही वन्यजीवों और जंगलों के संरक्षण में अपना पूरा योगदान देंगे।
इस मौके पर वन क्षेत्राधिकारी घनानंद उनियाल, नत्थीलाल डोभाल, धीरज सिंह रावत, वीरेंद्र सिंह बिष्ट, महेंद्र सिंह रावत, डॉ उदय गौड़, जितेंद्र सिंह गुंसाईं के अ लावसा नवनियुक्त वन आरक्षी अंजू सिंह, प्रदीप, राधा देवी, सतपाल सिंह, विजय सिंह नेगी, नीशू कुमार, हेमंत वशिष्ठ, मनीषा रावत, पुनीत कुमार, अमन कुमार, स्मिता चौहान, मोनिका खरोला, सागर सैनी, अंकिता रतूड़ी, गौरव कुमार, अंजली देवी समेत तमाम वन आरक्षी उपस्थित थे।