उत्तराखंड : शिक्षा मंत्री के संपर्क अधिकारी सुरेंद्र पाल सिंह सस्पेंड, अन्य अधिकारी से अभद्रता का है आरोप

न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 01 Aug 2020 09:32 PM IST
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शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के संपर्क अधिकारी (लाइजन ऑफीसर) बनाए गए लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता सुरेंद्र पाल सिंह नेगी को शासन ने निलंबित कर दिया। निलंबन के बाद उन्हें सिविल वृत्त लोक निर्माण विभाग गोपेश्वर में अटैच किया गया है। नेगी पर उत्तरकाशी के जिला शिक्षा अधिकारी जितेंद्र सक्सेना के साथ अभद्रता करने का आरोप है।
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सुरेंद्र पाल सिंह नेगी को मुख्य विकास अधिकारी ऊधमसिंहनगर ने 15 जुलाई 2017 को शिक्षा मंत्री का संपर्क अधिकारी बनाया था। उन्हें केवल गदरपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए नियुक्त किया गया था, लेकिन शिक्षा मंत्री के संपर्क अधिकारी ने विभाग से इसके लिए कोई एनओसी नहीं ली न ही विभाग को इसकी सूचना दी। जो कर्मचारी आचरण नियमावली के खिलाफ है ।
शासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि 10 जुलाई 2020 को शिक्षा मंत्री के उत्तरकाशी भ्रमण के दौरान उनके द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक शिक्षा उत्तरकाशी के साथ अभद्रता की गई। इससे सरकार की छवि धूमिल हुई है।
सरकारी अधिकारी के साथ अभद्रता करने, संपर्क अधिकारी के रूप में नियुक्ति के लिए विभाग से एनओसी न लेने एवं बिना अनुमति के मुख्यालय से बाहर रहने पर सहायक अभियंता पर लॉग पेनल्टी लगाई जा सकती है।

शासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि शिक्षा मंत्री के संपर्क अधिकारी के रूप में नियुक्ति के लिए विभाग से कोई एनओसी न लेने और शिक्षा विभाग के अधिकारी से अभद्रता के मामले में वह प्रथम दृष्टया दोषी है। यदि उन्हें वर्तमान पद पर बनाए रखा गया तो उनके द्वारा जांच प्रभावित किए जाने का प्रयास किया जा सकता है। इसे देखते हुए उन्हें निलंबित कर गोपेश्वर अटैच किया जाता है।

यह है मामला

शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के हरेला कार्यक्रम अस्कोट से आराकोट के तहत उत्तरकाशी में 10 जुलाई को शिक्षा मंत्री के संपर्क अधिकारी पर जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा जितेंद्र सक्सेना के साथ अभद्रता का आरोप है। आरोप है कि सुरेंद्र पाल सिंह नेगी क्षेत्र के सहायक अध्यापक की नियम विरुद्ध तैनाती के लिए जिला शिक्षा अधिकारी पर दबाव बना रहे थे।

वह चाहते थे कि संबंधित शिक्षक को प्रमोशन के बाद बालिका विद्यालय में तैनाती दी जाए। बालिका विद्यालय में पुरुष शिक्षक की तैनाती से इनकार करने पर शिक्षा विभाग के अधिकारी को थप्पड़ मारने की धमकी दी गई। 11 जुलाई को शिक्षा विभाग के अधिकारी ने इसकी शिकायत ना सिर्फ विभाग के महानिदेशक से की बल्कि शिक्षा मंत्री को भी लिखित रूप से मामले की शिकायत की गई।
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