दहशत: गंगोलीहाट में मां के हाथ से ढाई साल की बच्ची को झपट ले गया तेंदुआ, नहीं लगा कोई सुराग
नेपाल मूल का यह परिवार लीसा दोहन करता है। तीन माह पूर्व से ही जंगल में झोपड़ी बनाकर रह रहा था।
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उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में गंगोलीहाट ब्लॉक मुख्यालय से 10 किमी दूर जरमाल गांव के छाता तोक में मां का हाथ पकड़कर चल रही ढाई साल की बच्ची को तेंदुआ अपने जबड़ों में झपट ले गया। छाता तोक में नेपाल निवासी विकास बहादुर अपनी पत्नी और ढाई साल की बच्ची रिया के साथ पानी लेकर आ रहे थे। मां रिया का हाथ पकड़कर चल रही थी। दोनों घर से करीब 10 मीटर की दूरी पर थीं, जबकि विकास उनके पीछे 20 मीटर की दूरी पर थे।
तभी तेंदुआ बच्ची को अपने जबड़ों में दबोच कर जंगल में भाग गया। सूचना पर वन कर्मी दीवान सिंह भी मौके पर पहुंचे। जानकारी मिलने पर वन रेंजर मनोज सनवाल टीम के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुए हैं। ग्राम प्रधान पुष्कर सिंह और सरपंच चंद्र सिंह के नेतृत्व में ग्रामीण बच्ची को ढूंढने में जुटे हैं। समाचार लिखे जाने तक बच्ची का पता नहीं चल पाया था।
ग्रामीणों ने बताया कि हर साल यह परिवार लीसा दोहन के लिए आता है। इनके घर के पास अन्य कोई घर नहीं था। दूसरा घर इनके घर से 50 मीटर की दूरी पर है। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत है।
डबरा गांव में दिखा दूसरा गुलदार, गश्त हुई तेज
गढ़वाल में सतपुली के पोखड़ा ब्लाक के डबरा गांव और आसपास के क्षेत्र में गुलदार की दहशत बनी हुई है। क्षेत्र में अब दूसरा गुलदार लगातार दिखाई दे रहा है। वन कर्मियों को रात में गश्त के दौरान भी गुलदार नजर आया है, जिस पर वन कर्मियों ने ग्रामीणों को अलर्ट करते हुए गश्त तेज कर दी है। वहीं गुलदार गांव में लगाए गए पिंजरे के पास तक नहीं फटक रहा है।
महिला गोदांबरी देवी के हत्यारे गुलदार के खात्मे के बाद क्षेत्र में दो दिन से लगातार एक दूसरा गुलदार ग्रामीणों को दिख रहा है। गुलदार की दहशत के कारण लोग अकेले आवाजाही करने से डर रहे हैं। बच्चों को भी घर से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है।
शुक्रवार की रात वन कर्मियों को गुलदार झाड़ियों में छिपा नजर आया, लेकिन वह पिंजरे के पास नहीं फटक रहा है। रेंज अधिकारी सुचि चौहान ने बताया कि वन विभाग अपनी ओर से दूसरे गुलदार को पिंजरे में कैद करने के भरसक प्रयास कर रहा है। रात को सुरक्षा के दृष्टिगत गश्त जारी है। जरूरत पड़ी तो पिंजरे की लोकेशन बदलवा दी जाएगी। वहीं ग्राम प्रधान मोनिका देवी ने बताया कि गुलदार दिन ढलते ही गांव के पास चहलकदमी करने लगता है। वन विभाग की गश्त जारी है।