Bear Attacks: उत्तराखंड में पिछले साल भालू के हमलों में सबसे अधिक लोगों की गई जान, सैकड़ों हुए घायल
राज्य में वन्यजीव हमलों को लेकर संवेदनशील रहा है। पिछले साल वन्यजीवों के हमलों में 68 लोगों की मृत्यु हुई और 488 लोग घायल हुए हैं। इसमें भालू के हमलों में आठ लोगों की मौत हुई है।
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भालू के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रहीं हैं। राज्य बनने के बाद से पिछले साल भालू के हमलों में सबसे अधिक लोगों की मौत हुई है। पहाड़ से लेकर मैदान तक तेंदुओं के हमलों के मामले अधिक सामने आते हैं पर वर्ष-2025 में तेंदुओं की तुलना में भालू के हमलों में लोग घायल हुए हैं।
राज्य में वन्यजीव हमलों को लेकर संवेदनशील रहा है। पिछले साल वन्यजीवों के हमलों में 68 लोगों की मृत्यु हुई और 488 लोग घायल हुए हैं। इसमें भालू के हमलों में आठ लोगों की मौत हुई है। वर्ष-2000 के बाद से अब तक भालू के हमलों में सबसे अधिक लोगों की जान गई है। भालू के हमलों में 108 लोग घायल भी हुए हैं। जबकि तेेंदुओं के हमलों में 102 लोग घायल हुए हैं।
तेंदुओं के हमलों में 19 लोगों की मौत
तेंदुओं के हमलों की दहशत रही है। इसके हमले में 19 लोगों की असमय मृत्यु हुई है। बाघ के हमले में 12 लोगों की मौत और पांच लोग घायल हुए थे। सर्पदंश से 18 लोगों की मौत और 122 घायल हुए हैं। इस संबंध में प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्रा कहते हैं कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस बार मानसून में जिन वन प्रभागों में भालू हैं, वहां पर उनके भोजन वाली प्रजातियों का रोपण किया जाएगा। सुरक्षा के लिए अन्य कदम उठाए जा रहे हैं।
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संसाधनों को खरीदने के लिए 11 करोड़
वन विभाग को मानव- वन्यजीव संघर्ष को कम करने और रेस्क्यू आपरेशन के दृष्टिगत संसाधनों को खरीदने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग से 11 मिलेंगे। इस राशि से ट्रैंक्यूलाइज गन समेत अन्य संसाधनों को खरीदा जाएगा।
पांच वर्षों में वन्यजीवों के हमलों की घटनाएं
वर्ष- मृत्यु- घायल
2020 67 324
2021 71 361
2022 82 325
2023 66 325
2024 844 512
2025 68 488