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उत्तराखंड : दो महीने में फोर जी इंटरनेट सेवा से जुड़ेंगे सभी कॉलेज- उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत
Tue, 03 Nov 2020 01:38 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 03 Nov 2020 01:38 PM IST
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उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि दो महीने के भीतर प्रदेश के सभी सरकारी कॉलेज फोर जी इंटरनेट सेवा से जुड़ेंगे। उन्होंने विधानसभा स्थित कार्यालय में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में यह बात कही।
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उच्च शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि प्रत्येक कॉलेज में फोर जी इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराने के लिए छात्र हित में छात्र निधि से धनराशि खर्च करने का निर्णय लिया गया है। बताया कि प्रत्येक महाविद्यालय में छात्र निधि का लाखों रुपया जमा है, जिसे छात्रहित में संबंधित कॉलेजों में ही मूलभूत सुविधाओं पर खर्च किया जाएगा।
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उन्होंने नाराजगी जताई कि छात्र संगठनों द्वारा इस निर्णय पर कुछ समाचार पत्रों में गलत बयानबाजी की जा रही है, जो उचित नहीं है। कहा कि शासन द्वारा नई नियमावली तैयार की जा रही है, जिसमें छात्र निधि की दो लाख तक की धनराशि स्वीकृत करने का अधिकार संबंधित कॉलेज के प्राचार्य को होगा। पांच लाख तक उच्च शिक्षा निदेशक को दिया गया है। यदि पांच लाख से अधिक धनराशि छात्र निधि से खर्च करने की आवश्यकता पड़ती है तो उसकी स्वीकृति शासन द्वारा दी जाती है।
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विभागीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि छात्र निधि केवल कॉलेजों में चिह्नित 14 मूलभूत सुविधाओं पुस्तकालय, इंटरनेट, फर्नीचर, स्मार्ट क्लास, प्रयोगशाला उपकरण, पेयजल, विद्युत, खेल सामग्री, पुस्तकालय आदि पर खर्च की जाती है। बैठक में राज्य सेक्टर और रूसा के तहत चल रहे निर्माण कार्यों और श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के कॉलेजों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान प्रधानाचार्य ने कॉलेजों की मान्यता में आ रही दिक्कतों एवं परीक्षा परिणाम समय पर घोषित होने को लेकर शिकायत दर्ज कराई।
इस पर विभागीय मंत्री ने श्री देव सुमन विवि के कुलपति डॉ. पीपी ध्यानी को समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए। कुलपति ने बताया कि मान्यता संबंधी पत्रावली राजभवन स्तर पर लंबित है। बैठक में निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. कुमकुम रौतेला, संयुक्त सचिव उच्च शिक्षा एमएम सेमवाल, कुलसचिव श्री देवसुमन विवि सुधीर बुडाकोटी, रूसा की नोडल अधिकारी डॉ. रचना नौटियाल, प्राचार्य डॉ. आरके उभान, डॉ. रेनू रानी बंसल, डॉ. लवली रानी राजवंशी आदि मौजूद रहे।