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उत्तराखंड: प्रदेश में फायरमैन, एफएसओ के बिना कैसे बुझेगी आग
Thu, 22 Jul 2021 03:20 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 22 Jul 2021 03:20 PM IST
सार
दरअसल, कहीं एक्सीडेंट हो या फिर आपदा का समय हो। पुलिस के साथ सबसे पहले फायर सर्विस के लोग ही रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटते हैं।
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
प्रदेश का फायर सर्विस विभाग (फायर ब्रिगेड) इन दिनों फोर्स की भारी कमी से जूझ रहा है। हालात यह है कि फायर मैन और सब इंस्पेक्टर (फायर स्टेशन सेकेंड अफसर) के लगभग 50 फीसदी पद खाली हैं। राज्य में फायर सेफ्टी अफसर (एफएसओ) एक भी नहीं है।
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दरअसल, कहीं एक्सीडेंट हो या फिर आपदा का समय हो। पुलिस के साथ सबसे पहले फायर सर्विस के लोग ही रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटते हैं। इसके बाद ही अन्य एजेंसियां आती हैं। फायर सीजन के दौरान शहर में तो तमाम अग्निकांड होते हैं। करीब डेढ़ माह तक प्रदेश के जंगल भी धधकते रहते हैं।
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इस दावानल पर काबू पाने के लिए फायर सर्विस को ही मौके पर भेजा जाता है। वर्तमान समय में हालात यह हैं कि यहां फायर स्टेशनों को संचालित करने के लिए फायर सेफ्टी अफसर तक नहीं हैं। सेकेंड लाइन में आने वाले एफएसएसओ की भी लगभग 50 फीसदी की कमी है। फ्रंट लाइन में आने वाले फायर मैन की भर्तियां भी लंबे समय से अटकी हैं। वर्तमान में फायर मैन के भी लगभग 50 फीसदी पद खाली हैं। बताया जा रहा है कि मुख्यालय ने कई व्यवस्थाओं के लिए शासन को प्रस्ताव भेजे भी हैं, लेकिन शासन ने ज्यादातर प्रस्तावों पर अभी कोई गौर नहीं किया है। इनमें से कई तो ठुकरा दिए गए। आईजी फायर सर्विस एपी अंशुमान ने बताया कि रिक्तियों को भरने के लिए प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं। जल्द ही फायर मैन भर्ती पर निर्णय हो सकता है।
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यह है ढांचा और रिक्तियां
फायर स्टेशन- 34
यूनिट- 12
फायर सेफ्टी अफसर की पोस्ट- 35
उपलब्ध फायर सेफ्टी अफसर- 00
एफएसएसओ की कुल पोस्ट- 49
उपलब्ध एफएसएसओ- 23
फायरमैन की पोस्ट- 990
उपलब्ध फायरमैन- 556
एफएसएसओ प्रमोशन में शिथिलता का प्रस्ताव ठुकराया
राज्य में एफएसओ (फायर सेफ्टी अफसरों) की कमी पूरी करने के लिए एफएसएसओ के प्रमोशन नियमों में शिथिलता का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। मुख्यालय ने मांग की थी कि जो एफएसएसओ वैकल्पिक तौर पर तीन साल तक एफएसओ रहे उसका प्रमोशन एफएसओ पद पर किया जाए। शासन ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया है। यदि यह प्रस्ताव मान लिया जाता तो कम से कम 12 फायर सेफ्टी अफसरों की पोस्ट को भरा जा सकता था।
भविष्य में बढ़ेगी फोर्स की कमी
वर्तमान मानसून सीजन में भी फायर सर्विस को अलर्ट पर रखा जाता है। फोर्स की कमी के कारण शुरूआती रेस्क्यू के लिए भी पर्याप्त फायर सर्विस के जवान उपलब्ध नहीं हो पाते हैं। किसी भी वीवीआईपी के दौरे के समय फायर सर्विस को अनिवार्य तौर पर तैनात किया जाता है। यही नहीं अब गौचर हवाई पट्टी, फाटा हेलीपैड और नैनीसैनी हवाई पट्टी पर भी फायर सर्विस यूनिट तैनात की गई हैं। वर्तमान में फायर सर्विस का काम बढ़ रहा है। ऐसे में भविष्य में फायर सर्विस में फोर्स की कमी और भी बढ़ जाएगी।