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उत्तराखंड: काशीपुर में ध्वज स्थापना के साथ शुरू हुआ ऐतिहासिक चैती मेला

Tue, 13 Apr 2021 10:19 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काशीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काशीपुर Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 13 Apr 2021 10:19 PM IST
सार

  • आज नवरात्र के साथ ही उत्तराखंड के ऐतिहासिक चैती मेले का भी शुभारंभ होगा। मेला 30 अप्रैल तक चलेगा।

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Uttarakhand News: Historical Chaiti Mela Starts From today in Kashipur
मेला - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

भगवती बाल सुंदरी के मंदिर में मंगलवार को ध्वज स्थापना से काशीपुर का ऐतिहासिक चैती मेला शुरू किया गया। शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत, पूर्व सांसद केसी सिंह बाबा, एसडीएम गौरव कुमार और पंडा परिवार ने मेले का शुभारंभ किया। मेला क्षेत्र में दुकानें न लगने से पहले दिन मेला पूरी तरह नहीं सज सका, जिससे पब्लिक मेले में नहीं पहुंची। 

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मंगलवार सुबह दस बजे पंडित दयाशंकर जोशी, प्रधान पंडा वंश गोपाल, मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री, सहायक प्रधान पंडा मनोज अग्निहोत्री, पंडा कृष्ण गोपाल, संदीप, शक्ति, जतिन, शिवा, विवेक व राम अग्निहोत्री ने मंत्रोचार के साथ घट पूजन किया। इसके बाद शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत, विधायक हरभजन सिंह चीमा, मेयर ऊषा चौधरी आदि ने हवन पूजन कर मंदिर की परिक्रमा की। इसके बाद मंदिर में ध्वज स्थापना की गई। 
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बंशीधर भगत ने कहा कि नवरात्र के पहले दिन उन्हें मेले का शुभारंभ करने का सौभाग्य मिला है। चैती मेला लोगों की आस्था का केंद्र है। लोग यहां पहुंचकर कोविड नियमों का पालन करें, ताकि कोरोना महामारी को हराने में सभी का सहयोग मिल सके। कुंभ मेले में बिना पंजीकरण के भी लोगों के पहुंचने के सवाल पर भगत का कहना था कि लोग आस्था के चलते वहां पहुंचे हैं लेकिन लोगों को कोरोना के नियमों का भी पालन करना चाहिए। इस मौके पर भाजपा नेता राम मेहरोत्रा, प्रदेश मंत्री आशीष गुप्ता, नगर अध्यक्ष मोहन बिष्ट, अनिल कुमार, गुरविंदर सिंह चंडोक, सीमा चौहान, एएसपी प्रमोद कुमार, एसओ बीडी जोशी आदि मौजूद रहे। 
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मंत्री को लोगों ने बताई समस्याएं 
शुभारंभ अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने भगत का स्वागत किया। इस दौरान लोगों ने मंत्री को समस्याएं भी बताईं। पंडा कृष्ण गोपाल ने द्रोणसागर रोड बनाने की मांग की। कहा कि इस रास्ते से देवी का डोला आता है। मंत्री ने विधायक से सड़क का प्रस्ताव भेजने को कहा। कार्यकर्ताओं का कहना था कि तीन साल पहले तत्कालीन डीएम ने मेले की व्यवस्था प्रशासन को सौंप दी थी। क्षेत्र के लोग सरकारी व्यवस्था से खुश नहीं है। मेला व्यवस्था वापस पंडा परिवार को सौंपी जानी चाहिए। मंत्री ने डीएम को फोन पर कहा कि इस संबंध में जनता से रायसुमारी कर निर्णय लिया जाए। 

पुरातत्व विभाग ने लगाई अस्थाई शौचालयों के मरम्मत पर रोक
चैती मेला परिक्षेत्र में मंदिर समिति के करीब 40 शौचालय हैं। 25 शौचालय मंदिर समिति की ओर से बनाए गए हैं, जो पुरातत्व विभाग के क्षेत्र में आते हैं। मेले के लिए इन शौचालयों की मरम्मत मंदिर समिति द्वारा की जा रही थी लेकिन पुरातत्व विभाग ने मरम्मत कार्य पर रोक लगा दी है। इधर, मेला क्षेत्र में करीब 60 स्थायी शौचालय भी तैयार किए जाने हैं लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। पेयजल के लिए भी मात्र एक प्याऊ की व्यवस्था है। दुकानों का निर्माण कार्य भी अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। प्रसाद की कुछ दुकानें लगी हैं।

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मेले के उद्घाटन में ही हो गए कोविड के नियम तार-तार

कोविड से बचाव के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों से सामाजिक दूरी का पालन करने और मास्क पहनने की अपील कर रहे हैं लेकिन भाजपा कार्यकर्ता ही इससे परहेज कर रहे हैं। मंगलवार को चैती मेले के उद्घाटन में कई भाजपा कार्यकर्ता पहुंचे थे लेकिन उनके द्वारा सामाजिक दूरी के नियम का पालन नहीं किया गया। अधिकतर कार्यकर्ताओं ने मास्क पहनना भी जरूरी नहीं समझा। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मास्क पहने नजर आए। 

शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत ने मेले का शुभारंभ किया गया लेकिन मंदिर परिसर के अंदर आते ही उन्होंने भी मास्क हटा लिया। जबकि मंदिर परिसर में ही कार्यकर्ताओं और आम लोगों की अधिक भीड़ थी। मंत्री के साथ मेयर और भाजपा के अन्य पदाधिकारी भी घूमते रहे लेकिन किसी ने भी सामाजिक दूरी का पालन नहीं किया। 

विधायक हरभजन सिंह चीमा, एसडीएम गौरव कुमार, एएसपी प्रमोद कुमार, एसओ बीडी जोशी, मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री और भाजपा के कुछ पदाधिकारियों ने मास्क पहना था इसके अतिरिक्त कई बड़े पदाधिकारियों ने भी मास्क का प्रयोग नहीं किया। पदाधिकारी और कार्यकर्ता भीड़ के साथ मंदिर की परिक्रमा और आसपास के मंदिरों के दर्शन कर रहे थे। नवरात्र का पहला दिन होने के कारण महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी मंदिर में पहुंचे थे।

लोगों का कहना था कि पुलिस और प्रशासन मास्क न पहनने पर आम लोगों के ही खिलाफ कार्रवाई करता है। आगे मेले में और अधिक भीड़ बढ़ने की संभावना है ऐसे में अगर पुलिस व प्रशासन कोविड नियमों का सख्ती से पालन नहीं करा सकी तो कोरोना फैलने के आसार है। 

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