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उत्तराखंड हाईकोर्ट ने रेलवे की जमीन पर अवैध तरीके से काबिज लोगोंं पर पीपी एक्ट के तहत कार्रवाई करने के दिए निर्देश
Wed, 24 Mar 2021 02:54 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 24 Mar 2021 02:54 PM IST
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उत्तराखंड हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हल्द्वानी में रेलवे की जमीन पर अवैध तरीके से काबिज लोगोंं पर पीपी एक्ट (सरकारी स्थान 'अप्राधिकृत अधिभोगियों की बेदखली' अधिनियम, 1971) के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए बुधवार को रेलवे को आदेश दिया है कि वह अतिक्रमणकारियों पर तीन महीने के भीतर पीपी एक्ट के तहत कार्रवाई करें। कोर्ट ने डीएम को भी आदेश दिया है कि जमीन पर हुए कब्जे को लेकर सर्वे कराया जाए और उसकी रिपोर्ट सात अप्रैल तक काेर्ट में पेश करें।
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कोर्ट ने हल्द्वानी निवासी रविशंकर जोशी की जनहित याचिका पर सुनवाई के उपरांत ये निर्देश दिए हैं। जोशी ने याचिका में कहा था कि गफूरबस्ती में रेलवे की भूमि पर 4365 अतिक्रमणकारियों ने कब्जा किया हुआ है। पूर्व में भी 2016 में हाईकोर्ट ने उक्त अतिक्रमण को हटाने के आदेश दिए थे।
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विपक्षी गणों ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे को तीन महीने में अतिक्रमणकारियों के प्रार्थना पत्रों की सुनवाई के बाद ही कार्रवाई करने के आदेश देते हुए उसे 31 मार्च 2020 तक का समय दिया था।
इस पर अब तक कार्रवाई नहीं होने पर जोशी ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की। इस पर रेलवे ने कार्रवाई के लिए कोर्ट से कुछ और समय की मांग की थी, जिस पर बुधवार को कोर्ट ने यह निर्देश दिया है।