उत्तराखंड: डुंगरी गांव के लापता राजेंद्र मेहता को गुलदार ने बनाया निवाला, नौवें दिन मिला शव
गांव के युवकों ने सीसीटीवी फुटेज के अनुसार लालघाटी क्षेत्र में खोजबीन की तो सड़क से दो सौ मीटर नीचे एक झाड़ी में राजेंद्र सिंह मेहता का क्षत-विक्षत शव पड़ा हुआ मिला।
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पिथौरागढ़ में डुंगरी गांव के 55 वर्षीय राजेंद्र सिंह मेहता पुत्र कान सिंह मेहता को गुलदार ने निवाला बना लिया। वह नौ दिन से लापता थे। वह एक जनवरी से लापता था, नौ जनवरी को उनका शव झाड़ियों में मिला।
आठ दिन तक लापता थे राजेंद्र सिंह मेहता
राजेंद्र सिंह मेहता लालघाटी में एक दुकान में कई साल से काम करते थे। एक जनवरी को वह दुकान बंद कर रात आठ बजे लालघाटी से अपने घर आ रहे थे। लेकिन जब रात तक वो घर नहीं पहुंचे तो परिजनों में उसकी ढूंढ खोज की। लेकिन आठ दिन तक उनका कोई पता नहीं चल सका।
नौ जनवरी को डुंगरी गांव के युवकों ने सीसीटीवी फुटेज के अनुसार लालघाटी क्षेत्र में खोजबीन की तो शाम साढ़े पांच बजे सड़क से दो सौ मीटर नीचे एक झाड़ी में उनका क्षत-विक्षत शव पड़ा हुआ मिला। सूचना मिलने पर वन विभाग के वन बीट अधिकारी नवीन चंद्र जोशी, योगेश कुमार और थल थाने के थानाध्यक्ष हीरा सिंह डांगी घटनास्थल पर पहुंचे।
शव का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय को भेज दिया गया हैं। आज से डेढ़ साल पहले मृतक पर गुलदार ने जानलेवा हमला किया था। तब खेत में काम कर रही महिलाओं के हल्ला कर उनकी जान बचाई थी।राजेंद्र की मौत से उनकी पत्नी बदहवास हैं। वहीं दो बेटे भी सदमे में हैं। लालघाटी क्षेत्र में गुलदार के हमले में राजेंद्र के मौत की खबर से लोगों में दहशत हैं।