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Uttarakhand: जंगल की आग पर काबू पाने को लेकर सरकार का प्लान, बुझाने वालों को मिलेगा एक लाख तक का इनाम

Sun, 28 Apr 2024 11:07 AM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 28 Apr 2024 11:07 AM IST
सार

Uttarakhand Forest Fire: वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि जनसहभागिता के बिना आग पर काबू पाना संभव नहीं है। आम आदमी के प्रति हमारा दोस्ताना व्यवहार होना चाहिए। हमें जनता को जंगलों से जोड़ना होगा।
 

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Uttarakhand News Government will give reward of up to Rs One lakh for extinguishing forest fire
जंगल में लगी आग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

जंगल की आग बुझाने पर प्रदेश सरकार वनाग्नि प्रबंधन समितियों को 25 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक का इनाम देगी। वहीं, विशेष परिस्थितियों में हेलिकॉप्टर की भी मदद ली जाएगी। यह कहना है वन मंत्री सुबोध उनियाल का।

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उन्होंने यह बात यहां वन मुख्यालय के मंथन सभागार में मीडिया से वार्ता के दौरान कही। वन मंत्री ने कहा, बिना जनसहभागिता के जंगल की आग से नहीं निपटा जा सकता। ग्राम प्रधानों की अध्यक्षता में 541 वनाग्नि प्रबंधन समितियों का गठन किया गया है, जिन्हें सीजन के लिए 30-30 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी गई है, जबकि उत्कृष्ट काम करने वाली 13 वनाग्नि प्रबंधन समितियों को एक-एक लाख रुपये, 13 समितियों को 50-50 हजार रुपये एवं 13 वनाग्नि प्रबंधन समितियों को 25-25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
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वन मंत्री ने बताया, जंगल में आग लगने की तीन प्रमुख वजह है। किसान खेतों में खरपतवार जलाते हैं। दूसरा जंगल में जलती बीडी, सिगरेट फेंकने एवं तीसरा शरारती तत्वों की ओर से जंगल में आग लगाने से वनाग्नि की घटनाएं होती हैं। शरारती तत्वों से सख्ती से निपटा जा रहा है। अब तक 23 मामलों में 29 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है।

वहीं, अज्ञात मामलों की संख्या 173 है। कहा, मैन पावर की कमी न हो इसके लिए इस साल 1392 वन कर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि 3,983 फायर वाचर तैनात किए जाएंगे। वन मंत्री ने यह भी कहा, सरकार ने फॉरेस्ट फ्रेंडली पॉलिसी बनाई है। वन पंचायत भूमि पर कृषिकरण को मंजूरी दी गई है, जबकि ईको टूरिज्म के तहत लोगों को रोजगार दिया जा रहा है।

बारिश से जंगलों की आग के मामलों में राहत
बारिश से जंगलों की आग के मामलों में मामूली राहत मिली है। 26 अप्रैल को वनाग्नि की 31 घटनाएं सामने आई थी, लेकिन 27 अप्रैल को वनाग्नि घटनाओं में कुछ कमी आई है। वन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को प्रदेशभर में वनाग्नि की 23 घटनाएं हुई हैं। इसमें 16 कुमाऊं और सात गढ़वाल मंडल के वन क्षेत्रों की है। इसे मिलाकर अब तक वनाग्नि की घटनाएं बढ़कर 598 हो गई है।

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