उत्तराखंड: स्वास्थ्य मंत्री ने किया एलान, पहाड़ों में निजी अस्पताल खोलने पर अनुदान देगी सरकार
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में निजी अस्पतालों की संख्या कम है। पहाड़ों में निजी अस्पतालों खोलने के लिए सरकार मानकों में शिथिलता प्रदान करने के साथ ही आर्थिक सहयोग करेगी।
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स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में निजी अस्पताल खोलने के लिए सरकार एकमुश्त अनुदान देगी। 30 से 40 प्रतिशत सब्सिडी देने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा कई निजी अस्पताल आयुष्मान योजना में सूचीबद्ध नहीं करा रहे हैं। इसके लिए सरकार आयुष्मान योजना में पंजीकरण कराने वाले अस्पतालों को प्रदेश में चलाने की अनुमति देने पर विचार कर निर्णय लेगी। बृहस्पतिवार को आयुष्मान भारत योजना के तीन साल पूरे होने पर आयोजित आरोग्य मंथन कार्यक्रम में मीडिया संवाद के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने यह एलान किया।
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उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में निजी अस्पतालों की संख्या कम है। पहाड़ों में निजी अस्पतालों खोलने के लिए सरकार मानकों में शिथिलता प्रदान करने के साथ ही आर्थिक सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना में इलाज के पैकेज की दर कम होने का हवाला देकर कई बड़े अस्पताल योजना में सूचीबद्ध नहीं कर रहे हैं। इसके लिए सरकार यह व्यवस्था करेगी कि आयुष्मान में पंजीकरण कराने वाले निजी अस्पतालों को चलाने की अनुमति देगी। साथ ही आयुष्मान के दायरे में जो परिवार नहीं आए हैं, उनके लिए आगामी कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। आयुष्मान योजना की जानकारी के लिए सभी सूचीबद्ध अस्पतालों में डिस्प्ले बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे।
कार्ड पर इलाज न करने वाले अस्पतालों पर हो सख्ती
कार्यक्रम में विधायक विनोद चमोली ने कहा कि आयुष्मान योजना से सभी निजी एवं सरकारी अस्पतालों को जोड़ा जाना चाहिए, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को इस योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि अस्पतालों का मुख्य ध्येय सेवा भाव होना चाहिए न कि व्यवसाय को बढ़ाना। जो निजी अस्पताल गोल्डन कार्ड पर इलाज करने को तैयार नहीं है, ऐसे अस्पतालों पर सख्ती होनी चाहिए।
गोल्डन कार्ड पर 2700 कोविड और ब्लैक फंगस मरीजों का इलाज
आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड पर प्रदेश के सूचीबद्ध अस्पतालों में 2700 कोविड और ब्लैक फंगस मरीजों का इलाज किया गया। प्रदेश में अब तक 44 लाख लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बने हैं। इसमें 3.5 लाख लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिली है। सरकार ने 466 करोड़ की राशि खर्च की है। योजना में प्रदेश के 216 सरकारी व निजी अस्पताल और देश के 27 हजार अस्पताल सूचीबद्ध हैं। योजना में 1600 बीमारियों के इलाज को शामिल किया गया है। वर्तमान में प्रतिदिन 500 से अधिक गोल्डन कार्ड धारक इलाज करा रहे हैं।